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December 5, 2025
हिमाचल में नशे के साथ पकड़े सरकारी कर्मचारियों की जाएगी नौकरी, तुरंत होगी कार्रवाई
सुक्खू सरकार ने अब तक 60 को किया नौकरी से बर्खास्त
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मंडी। हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ सुक्खू सरकार अब बिल्कुल आक्रामक मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश को चिट्टा.मुक्त बनाने के लिए जिस व्यापक अभियान की शुरुआत की थी, वह अब सख्त कार्रवाइयों के साथ निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुका है। नशे का कारोबार केवल तस्करों तक सीमित न होकर सरकारी तंत्र तक पहुंच चुका है, जिस पर भी सुक्खू सरकार सख्त हो गई है। सरकार ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अब नशे में लिप्त पाए जाने वाले सरकारी कर्मचारियों को तुरंत नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा और यह कार्रवाई बिना देरी के की जाएगी।
बता दें कि सरकारी कर्मचारियों पर सुक्खू सरकार की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। सरकार अब तक 60 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर चुकी है, जिनमें डॉक्टर, पुलिसकर्मी और शिक्षा विभाग के कर्मचारी भी शामिल हैं। यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि नशे के खिलाफ लड़ाई में सरकार किसी स्तर पर समझौता करने को तैयार नहीं है।
इसी कड़ी में अब उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने सरकारी विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को साफ चेतावनी दे दी है। उन्होंने कहा है कि नशे के साथ पकड़े जाने वाले सरकारी कर्मचारियों को बिना किसी देरी के तुरंत नौकरी से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। चिट्टे और अन्य मादक पदार्थों के कारोबार पर अब किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई को मजबूत बनाने के लिए सरकारी मशीनरी को भी शुद्ध और जिम्मेदार बनाना जरूरी है। जिन कर्मचारियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज है, उनके मामलों की विभागीय जांच को तेजी से निपटाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि लंबित प्रकरणों में तुरंत निर्णय लिया जा सके। इसके अलावा जिला प्रशासन ने कुछ कर्मचारियों पर अतिक्रमण मामलों में भी कार्रवाई शुरू की है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि सरकारी व्यवस्था को भ्रष्टाचार और नशे से मुक्त किए बिना समाज को सुरक्षित नहीं बनाया जा सकता।
बता दें कि आज हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने चिट्टे के खिलाफ एकजुटता दिखाते हुए अनोखा संदेश दिया। सभी विधायक चिट्टा-मुक्त हिमाचल लिखी विशेष वेशभूषा पहनकर विधानसभा परिसर पहुंचे और चिट्टे को भगाना है, युवाओं को बचाना है के नारे लगाए।
सुक्खू सरकार ने साफ कर दिया है कि नशे की चपेट में आते हिमाचल को बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। चाहे आम नागरिक हों या सरकारी कर्मचारी ड्रग्स से जुड़े किसी भी व्यक्ति के साथ अब कोई रियायत नहीं बरती जाएगी। प्रशासन का दावा है कि आने वाले महीनों में और भी कड़े कदम उठाए जाएंगे, ताकि हिमाचल को नशा.मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य जल्द हासिल किया जा सके।