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February 23, 2026
CM सुक्खू का तगड़ा एक्शन- चिट्टा तस्करी में पकड़े गए सरकारी कर्मचारी सीधे होंगे बर्खास्त
बिना विभागीय जांच सेवा समाप्ति, नशे पर सरकार का बड़ा फैसला
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शिमला। हिमाचल में नशे के खिलाफ अब प्रशासनिक मोर्चे पर भी कड़ा संदेश दे दिया गया है। अगर कोई सरकारी कर्मचारी चिट्टे की तस्करी या ड्रग रैकेट में शामिल पाया गया, तो उसे विभागीय जांच का लंबा इंतजार नहीं मिलेगा बल्कि सीधे बर्खास्तगी की कार्रवाई हो सकती है। राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस अब सिर्फ नारा नहीं, सख्त नीति है।
राज्य के कार्मिक विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को स्पष्ट रूप से आगाह करें। आदेश में कहा गया है कि यदि कोई सरकारी सेवक चिट्टा तस्करी जैसे गंभीर अपराध में पकड़ा जाता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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नए निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि केंद्रीय सिविल सेवा (सीसीएस-सीसीए) नियमों के रूल 19 के तहत अत्यंत गंभीर मामलों में बिना विभागीय जांच के भी बर्खास्तगी संभव है। इसी प्रावधान को अब हिमाचल में प्रभावी रूप से लागू करने का निर्णय लिया गया है।
बर्खास्तगी की इस प्रक्रिया का आधार भारतीय संविधान का अनुच्छेद 311 भी है, जिसमें विशेष परिस्थितियों में बिना नियमित जांच के सेवा समाप्ति का प्रावधान है। सरकार का मानना है कि नशा तस्करी जैसे मामलों में त्वरित और कठोर कदम आवश्यक हैं, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था की विश्वसनीयता बनी रहे।
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इससे पहले भी राज्य सरकार चिट्टा तस्करी में संलिप्त पाए गए लगभग 17 पुलिस कर्मचारियों को सेवा से हटा चुकी है। उस समय एफआईआर को ही कार्रवाई का आधार बनाया गया था। अब यही नीति अन्य विभागों पर भी लागू होगी।
CM सुक्खू पहले भी नशे के खिलाफ अभियान को लेकर मुखर रहे हैं और प्रदेशभर में जागरूकता कार्यक्रमों में भाग लेते रहे हैं। सरकार का यह कदम प्रशासनिक सख्ती के साथ-साथ एक स्पष्ट संदेश भी है कि सरकारी सेवा में रहते हुए किसी भी तरह की आपराधिक संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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हिमाचल में चिट्टे के बढ़ते मामलों के बीच यह निर्णय बड़ा प्रशासनिक बदलाव माना जा रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि इस सख्ती से नशे के नेटवर्क पर कितना प्रभाव पड़ता है और क्या यह कदम युवाओं को भी गलत रास्ते से दूर रखने में सहायक साबित होगा।