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January 3, 2026

हिमाचल में बर्फबारी : मां शिकारी देवी मंदिर के कपाट बंद, कमरुनाग झील बनी आईना

सीजन की पहली बर्फबारी के बाद दिखा बेहद सुंदर नजारा

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मंडी। हिमाचल प्रदेश की ऊंची चोटियां शीतलहर और बर्फ की सफेद चादर से ढक गई हैं। मंडी जिले के प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल देव कमरुनाग में सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई है, जिससे पूरे क्षेत्र का मौसम पूरी तरह बदल गया है।

पहाड़ों ने ओढ़ी बर्फ की सफेद चादर

मनाली के कोकसर सहित ऊंचाई वाले इलाकों में शुरू हुई बर्फबारी का प्रभाव मंडी जिला तक साफ देखने को मिला। देव कमरुनाग की पवित्र झील अब बर्फ की मोटी परत से पूरी तरह जम चुकी है और आसपास के पहाड़ सफेद चादर ओढ़े नजर आ रहे हैं।

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देव समाज के चेहरों पर खुशी

करीब चार महीने के लंबे अंतराल के बाद हुई इस बर्फबारी ने न केवल ठंड बढ़ा दी है, बल्कि किसानों, बागवानों, पर्यटकों और स्थानीय देव समाज के चेहरों पर भी खुशी लौटा दी है। लंबे समय से बारिश और बर्फबारी का इंतजार कर रहे लोगों के लिए यह मौसम किसी राहत से कम नहीं माना जा रहा।

परंपरा के अनुसार शुरू हुई बर्फबारी

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, जैसे ही देव कमरुनाग और शिकारी देवी मंदिरों के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जाते हैं, उसके बाद क्षेत्र में बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो जाता है। इस वर्ष भी यह परंपरा दोहराई गई है। कपाट बंद होने के कुछ ही समय बाद कमरुनाग में सीजन की पहली बर्फ गिरने से लोगों में आस्था और विश्वास और मजबूत हुआ है। स्थानीय देव समाज इसे देव कृपा का प्रतीक मान रहा है।

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एहतियातन मंदिरों के कपाट बंद

बर्फबारी और खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से कमरुनाग और शिकारी देवी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए हैं। मंदिर परिसरों में मौजूद दुकानदारों, कर्मचारियों और अन्य लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर लौटने के निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि बर्फ बढ़ने की स्थिति में रास्ते फिसलन भरे और खतरनाक हो सकते हैं, जिससे आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो सकती है।

किसानों और बागवानों के लिए राहत

यह बर्फबारी किसानों और बागवानों के लिए बेहद शुभ मानी जा रही है। क्षेत्र के किसान उत्तम चंद, राजीव ठाकुर, मुरारी लाल, दीपक, यशवंत, चंद्रमणि, नाग, यशु, तोम चंद, भीम सिंह और वेद प्रकाश का कहना है कि सर्दियों की यह बारिश और बर्फबारी जमीन में नमी बढ़ाने के साथ-साथ सेब और अन्य फसलों के लिए बेहद फायदेमंद होती है। खासकर सेब की फसल के लिए यह समय बहुत अहम माना जाता है, क्योंकि अच्छी बर्फबारी से उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार होता है।

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विभाग अलर्ट मोड पर

संभावित भारी बर्फबारी को देखते हुए लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग और IPH विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सभी संबंधित विभागों के उच्च अधिकारियों ने कर्मचारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि सड़कों की बहाली, बिजली और पानी की आपूर्ति में किसी प्रकार की दिक्कत आने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

देव कृपा का संकेत

देव कमरुनाग के गूर देवी सिंह ने बर्फबारी की पुष्टि करते हुए बताया कि बर्फ गिरने से देव कमरुनाग की पवित्र झील पूरी तरह जम गई है। उन्होंने इसे देवता की विशेष कृपा का संकेत बताया। इन दिनों बर्फ से ढके पहाड़, जमी हुई झील और ठंडी हवाएं कमरुनाग को किसी स्वर्गीय दृश्य में बदल रही हैं, जो आने वाले समय में पर्यटकों के लिए भी खास आकर्षण का केंद्र बन सकता है।

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