#राजनीति
January 3, 2026
हिमाचल कांग्रेस का पावर प्ले शुरू : CM-डिप्टी CM गुट को मिली तवज्जो, विक्रमादित्य को...
421 दिन बाद भरा गया संगठनात्मक खालीपन
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शिमला। लोकसभा चुनाव और आने वाले संगठनात्मक संघर्षों से पहले कांग्रेस हाईकमान ने हिमाचल प्रदेश में बड़ा दांव चला है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने देर रात 11 जिलों के लिए नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। इस फैसले के साथ ही प्रदेश कांग्रेस में लंबे समय से चला आ रहा संगठनात्मक ठहराव टूटा है। नई नियुक्तियों में महिला नेतृत्व, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री और होलीलॉज खेमे के प्रभाव की साफ झलक दिखती है।
यह नियुक्तियां कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत की गई हैं। पार्टी ने इससे पहले सभी जिलों में ऑब्जर्वर भेजे थे, जिन्होंने स्थानीय नेताओं, कार्यकर्ताओं और गुटीय समीकरणों पर रिपोर्ट तैयार की। उन्हीं रिपोर्ट्स के आधार पर जिला अध्यक्षों के नाम तय किए गए हैं। इन नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा।
कांग्रेस हाईकमान ने इस बार दो जिलों में महिला नेताओं पर भरोसा जताया है। मंडी जिले की कमान चंपा ठाकुर को सौंपी गई है, जबकि बिलासपुर में अंजना धीमान को जिला अध्यक्ष बनाया गया है। इसे पार्टी में महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
कांगड़ा और हमीरपुर जिलों में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के करीबी नेताओं को संगठन की कमान सौंपी गई है। वहीं ऊना जिले में डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री के विश्वासपात्र देशराज गौतम को जिला अध्यक्ष बनाया गया है। कुल्लू और लाहौल-स्पीति में होलीलॉज और विक्रमादित्य सिंह खेमे के करीबियों को जिम्मेदारी देकर संतुलन साधने की कोशिश की गई है।
मंडी – चंपा ठाकुर
कांगड़ा – अनुराग शर्मा
हमीरपुर – सुमन भारती शर्मा
लाहौल-स्पीति – दोरजे अंगरूप
कुल्लू – सेस राम आज़ाद
चंबा – सुरजीत कुमार भरमौरी
सिरमौर – आनंद परमार
सोलन – सुभाष चंद वर्माणी
शिमला (शहरी) – इंदरजीत सिंह
बिलासपुर – अंजना धीमान
ऊना – देशराज गौतम
प्रदेश कांग्रेस में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति करीब 421 दिन बाद की गई है। नवंबर 2024 में पुरानी जिला कार्यकारिणी भंग कर दी गई थी, जिसके बाद से संगठन बिना स्थायी नेतृत्व के चल रहा था। अब नई नियुक्तियों से पार्टी को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने की उम्मीद जताई जा रही है।
राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि नवनियुक्त जिला अध्यक्षों से अपेक्षा है कि वे बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करेंगे, कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरेंगे और सरकार की नीतियों व जनहित के मुद्दों को जनता के बीच प्रभावी तरीके से रखेंगे। हाईकमान ने स्पष्ट किया है कि अनुशासन और पार्टी विचारधारा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
हालांकि शिमला ग्रामीण और किन्नौर जिलों में अभी अध्यक्षों की नियुक्ति नहीं हो पाई है। इन दोनों जिलों में दावेदारों की संख्या अधिक होने और गुटीय संतुलन न बन पाने के कारण फिलहाल फैसला टाल दिया गया है। माना जा रहा है कि इन जिलों को लेकर जल्द ही अलग से निर्णय लिया जा सकता है।