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July 6, 2025

दलाई लामा का 90वां जन्मदिन, बेहद खास है आज का दिन- धर्मशाला पहुंचे दुनियाभर से श्रद्धालु

"मुझे Avalokiteshvara का आशीर्वाद प्राप्त है और मैं 130 वर्ष की आयु तक जीवित रहकर जनकल्याण करता रहूंगा।"

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Dalai Lama

कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश की पर्यटन नगरी धर्मशाला एक ऐतिहासिक और भावनात्मक आयोजन की तैयारी में जुटी है। मौका है तिब्बती धर्मगुरु परम पावन दलाई लामा तेनजिन ग्यात्सो के 90वें जन्मदिवस का, आज यानी 6 जुलाई को मैक्लोडगंज स्थित मुख्य बौद्ध मंदिर त्सुगलाखांग में मनाया जाएगा। यह सिर्फ एक स्थानीय या धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक ग्लोबल इवेंट बन चुका है, जिसमें दुनिया भर से अनुयायी, धर्मगुरु, सेलिब्रिटी और श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।

दुनिया भर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं धर्मशाला

बतौर रिपोर्टर्स, दलाई लामा के जन्मदिन पर अनुमानित तीन लाख लोग धर्मशाला पहुंच सकते हैं। इनमें से बड़ी संख्या में लोग पहले ही मैक्लोडगंज पहुंच चुके हैं। आयोजन की अंतरराष्ट्रीय गूंज इतनी व्यापक है कि कैनेडा, अमेरिका, जापान, यूरोप जैसे देशों से अनुयायी धर्मशाला का रुख कर चुके हैं।

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कैनेडा से आए सोनम, जो कभी यहीं बौद्ध शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं, 24 वर्षों के बाद इस अवसर के लिए लौटे हैं। वे इसे “सिर्फ एक जन्मदिन नहीं, बल्कि मानवता और शांति के प्रति प्रतिबद्धता का उत्सव” मानते हैं। उनका कहना है कि दलाई लामा का जीवन और उनके उपदेश दुनिया को करुणा, अहिंसा और संयम का मार्ग दिखाते हैं।

पर्यटकों और होटल उद्योग को संजीवनी

हाल ही में धर्मशाला के पास खनियारा क्षेत्र में आई बाढ़ की घटना ने पर्यटन को कुछ समय के लिए धीमा कर दिया था। लेकिन दलाई लामा के जन्मदिवस के बहाने आई यह वैश्विक हलचल होटल कारोबारियों के लिए एक नई उम्मीद बनकर आई है। स्थानीय होटल व्यवसायियों के अनुसार, होटल ऑक्यूपेंसी 90% तक पहुंचने की संभावना है और एडवांस बुकिंग पहले ही 30% से अधिक हो चुकी है। इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति देने का काम किया है।

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प्रार्थना समारोह में दलाई लामा की बड़ी घोषणाएं

जन्मदिन से पहले आयोजित बीते कल दीर्घायु प्रार्थना समारोह में दलाई लामा ने स्वास्थ्यपूर्ण दीर्घ जीवन की कामना के बीच खुद को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा, "मुझे Avalokiteshvara का आशीर्वाद प्राप्त है और मैं 130 वर्ष की आयु तक जीवित रहकर जनकल्याण करता रहूंगा।" इस वक्तव्य ने उनके अनुयायियों में उत्साह और विश्वास भर दिया।

दशकों तक सक्रिय रहेंगे

वहीं, अपने उत्तराधिकारी को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए कि फिलहाल वे स्वस्थ हैं और आने वाले दशकों तक सक्रिय रहेंगे। बहरहाल, इस आयोजन के साथ धर्मशाला न केवल श्रद्धा और आस्था का केंद्र बना है, बल्कि एक वैश्विक मंच भी, जहां शांति, करुणा और सह-अस्तित्व का संदेश गूंज रहा है। दलाई लामा का यह जन्मदिन हिमाचल के लिए गर्व का क्षण और पूरे विश्व के लिए आत्ममंथन का अवसर बन गया है।

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