#विविध
January 5, 2026
अपने घर पहुंचे CM सुक्खू : मां के गले लगते ही छलके जज्बात, दोनों हुए भावुक- नहीं थमे आंसू
पुराने परिचितों से बातचीत कर CM सुक्खू ने ताजा की बचपन की यादें
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हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नए वर्ष की शुरुआत पूरी तरह पारिवारिक और सादगी भरे अंदाज में की। रविवार दोपहर बाद मुख्यमंत्री सुक्खू अपने पैतृक गांव भवड़ां पहुंचे, जहां उन्होंने सबसे पहले अपनी माता संसार देवी से भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। मां-बेटे के इस मिलन ने न सिर्फ परिवार बल्कि गांव के लोगों को भी भावुक कर दिया।
CM सुक्खू का यह दौरा पूरी तरह निजी रहा। भवड़ां पहुंचते ही उन्होंने अपनी माता के चरण स्पर्श किए और उनसे आशीर्वाद लिया। वर्षों की जिम्मेदारियों और सत्ता के शीर्ष पद पर पहुंचने के बावजूद मां के सामने एक बेटे की भावनाएं साफ नजर आईं।
संसार देवी अपने बेटे को देखकर भावुक हो उठीं और उन्हें गले लगा लिया। यह दृश्य गांव में मौजूद लोगों के लिए भी बेहद मार्मिक रहा। ग्रामीणों ने बताया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद भी सुक्खू का अपने गांव और परिवार से जुड़ाव वैसा ही बना हुआ है।
उन्होंने कुछ समय गांव में बिताया, पुराने परिचितों से बातचीत की और बचपन की स्मृतियों को भी ताजा किया। गांव में सादगी भरा माहौल रहा और किसी तरह का औपचारिक राजनीतिक प्रदर्शन नजर नहीं आया।
पैतृक गांव में समय बिताने के बाद मुख्यमंत्री नादौन विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे। यहां उन्होंने वैकुंठ धाम और गुग्गा धाम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायत स्तर पर ऐसे धाम विकसित कर रही है, जहां लोग बैठ सकें, आपसी संवाद कर सकें और सामाजिक गतिविधियों को आगे बढ़ा सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन धामों का उद्देश्य केवल धार्मिक या औपचारिक नहीं है, बल्कि ग्रामीण जीवन में शांति, सामूहिकता और संवाद के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध कराना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता से सीधे जुड़ना और जमीनी सच्चाई को समझना है।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सुक्खू ने केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों और मजदूरों के लिए रोजगार का एक मजबूत सहारा रहा है, लेकिन अब नई शर्तें लगाकर इस योजना को धीरे-धीरे कमजोर किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि वह इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएंगे और लोगों को मनरेगा तथा जीरामजी योजना के बीच का फर्क समझाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गरीब, मजदूर और ग्रामीण वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से खड़ी है और किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
BPL और IRDP सूची को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी मुख्यमंत्री ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र परिवार को इन सूचियों से बाहर नहीं किया गया है। सरकार केवल सर्वे के माध्यम से यह सुनिश्चित कर रही है कि योजनाओं का लाभ सही और वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शिता और न्याय के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन ही सरकार का उद्देश्य है, ताकि किसी भी गरीब परिवार के साथ अन्याय न हो।