#विविध
January 3, 2026
धर्मशाला कॉलेज छात्रा मामले में CM सुक्खू का एक्शन- प्रोफेसर को सस्पेंड करने के आदेश
SC-ST आयोग ने भी किया है हस्तक्षेप
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धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला की छात्रा की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस संवेदनशील प्रकरण पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया है। शनिवार को सोलन जिले के कंडाघाट में अनौपचारिक बातचीत में सीएम ने स्पष्ट किया कि छात्रा के वीडियो बयान में जिस प्रोफेसर का नाम सामने आया है, उसे तुरंत प्रभाव से निलंबित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है और किसी भी स्तर पर लापरवाही या दोष को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम ने बताया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ऐसे मामलों में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
इस बीच, मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर भी जांच के दायरे में आ गया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने छात्रा की मौत का स्वतः संज्ञान लेते हुए एक फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन कर दिया है।
यूजीसी ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए भरोसा दिलाया है कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषियों को सख्त सजा दिलाने की सिफारिश की जाएगी। यूजीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, कमेटी को जल्द से जल्द जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
मामले में जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल और मानसिक प्रताड़ना के आरोप सामने आने के बाद हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग ने भी हस्तक्षेप किया है। आयोग ने पुलिस से पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तलब की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम का उल्लंघन तो नहीं हुआ।
इसके अलावा राज्य महिला आयोग ने भी इस प्रकरण का संज्ञान लिया है। महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी ने कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि छात्राओं की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक को गंभीरता से लिया जाएगा।
फिलहाल यह मामला प्रशासन, सरकार और विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं की संयुक्त निगरानी में है। छात्रा की मौत को लेकर प्रदेश भर में आक्रोश का माहौल है और लोग निष्पक्ष जांच व दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।