#विविध
January 15, 2026
वाह! अपने स्टाफ पर मेहरबान हुए CM सुक्खू : सरकारी खजाने से खरीदकर दी मंहगी गाड़ियां
वीआईपी नंबर प्लेट के लिए कर रहे प्रयास
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शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों और मुख्यमंत्री के सलाहकारों को नई लग्जरी गाड़ियां आवंटित किए जाने के बाद सचिवालय में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से हाल ही में ट्योटा कंपनी की पांच इनोवा हाई क्रॉस गाड़ियां खरीदी गई हैं, जिन्हें तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों और मुख्यमंत्री के दो सलाहकारों को सौंप दिया गया है। इनोवा हाई क्रॉस के टॉप मॉडल की कीमत करीब 32 लाख रुपये बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, जिन अधिकारियों को नई गाड़ियां दी गई हैं, उनमें कुछ की पुरानी गाड़ियां तीन लाख किलोमीटर की निर्धारित सीमा पूरी कर चुकी थीं, जबकि कुछ वाहनों की स्थिति अभी भी ठीक बताई जा रही है।
नई खरीदी गई पांच गाड़ियों में से एक गाड़ी प्रधान सचिव स्तर के अधिकारी को दी गई है, जबकि एक को मुख्य सचिव के पूल में रखा गया है। तीसरी गाड़ी पहले एक अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी को ऑफर की गई थी, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए लेने से इनकार कर दिया कि उनकी मौजूदा गाड़ी अभी अच्छी स्थिति में है। इसके बाद एक अन्य अतिरिक्त मुख्य सचिव ने भी नई गाड़ी लेने से मना कर दिया।
बाद में सचिव स्तरीय एक अधिकारी ने इस गाड़ी की मांग रखी, जिसे सरकार ने मंजूरी दे दी। इस तरह उन्हें नई इनोवा हाई क्रॉस मिल गई। बताया जा रहा है कि गाड़ियां मिलने के बाद कुछ अधिकारी और सलाहकार अब वीआईपी नंबर प्लेट के लिए भी प्रयास कर रहे हैं। एक गाड़ी पर वीआईपी नंबर लग भी चुका है, जबकि बाकी चार के लिए नंबर आवंटन की प्रक्रिया चल रही है।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सचिवालय में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। एक ओर सरकार प्रदेश की वित्तीय स्थिति को चुनौतीपूर्ण बताते हुए संसाधन जुटाने और खर्चों में कटौती की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर महंगी और लग्जरी गाड़ियों की खरीद पर सवाल उठ रहे हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, अभी दो मंत्री और कैबिनेट रैंक के एक अन्य पदाधिकारी ने भी अपने लिए नई गाड़ी की मांग रखी है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और प्रदेश सरकार के तीन मंत्रियों चंद्र कुमार, धनीराम शांडिल और जगत सिंह नेगी को नई फॉरच्यूनर गाड़ियां दी गई थीं, जिसे लेकर भी राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में काफी चर्चा हुई थी। अब अफसरों और सलाहकारों को नई इनोवा हाई क्रॉस मिलने के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।