#विविध
July 2, 2025
हिमाचल में इन विभागों की छुट्टियां रद्द, फील्ड में जुटे 25 हजार कर्मचारी- कंट्रोल रूम सक्रिय
मंडी, कुल्लू, किन्नौर और सिरमौर में तबाही; बेली ब्रिज भेजे गए, अवकाश रद्द, कंट्रोल रूम सक्रिय
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में बादल फटने, मूसलाधार बारिश और भूस्खलन के बाद चार जिलों में भारी तबाही देखने को मिल रही है। मंडी, कुल्लू, किन्नौर और सिरमौर जिलों में जहां कई लोगों की जान गई, वहीं सैकड़ों सड़कें और पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
हालात की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और जल शक्ति विभाग के सभी फील्ड कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। विशेष परिस्थितियों को छोड़कर किसी को भी अवकाश नहीं दिया जाएगा।
PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि विभाग को चार दिनों के भीतर अधिकतम सड़कों को बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए पूरे प्रदेश से 25 हजार कर्मचारियों को फील्ड में उतारा गया है। जो कर्मचारी छुट्टी पर थे, उन्हें भी तत्काल ड्यूटी पर बुला लिया गया है। विभागीय इंजीनियर हर घंटे अपडेट भेज रहे हैं और मंत्री स्तर पर मॉनिटरिंग की जा रही है।
लोक निर्माण विभाग ने सोमवार को आपात स्थिति में चार बेली ब्रिज कुल्लू भेज दिए हैं, जिन्हें मंडी और कुल्लू में अगले 15 दिनों के भीतर स्थापित किया जाना है। इसके अलावा PWD के मैकेनिकल विंग को 13 और नए बेली ब्रिज तैयार करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि पहाड़ी क्षेत्रों में बह चुकी या धंसी हुई सड़कों पर जल्द आवाजाही बहाल की जा सके।
चारों जोन के चीफ इंजीनियरों को प्रभावित क्षेत्रों में मौके पर जाने के निर्देश दिए गए हैं। डिवीजन और सब-डिवीजन स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए हैं, जहां से राहत और बहाली कार्य की निगरानी की जा रही है। PWD की मशीनरी जेसीबी, डोजर, और अन्य हैवी इक्विपमेंट पहले ही मोर्चे पर डटे हुए हैं।
वहीं, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने आदेश जारी कर नए भवनों के निर्माण पर रोक लगा दी है। जब तक मौसम पूरी तरह साफ नहीं हो जाता, किसी भी प्रकार की निर्माण गतिविधि की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, घरों की छतों से निकलने वाले बारिश के पानी को खुले में बहने से रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि मिट्टी धंसने और जलभराव की घटनाओं से बचा जा सके।
राज्य सरकार के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती अब जनजीवन को सामान्य करना है। सड़कों के बहाल होने के साथ ही पेयजल योजनाएं, बिजली सप्लाई और मोबाइल नेटवर्क को दुरुस्त करना प्राथमिकता में है।