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March 30, 2026

हिमाचल के लिए मोदी सरकार ने खोल दिया खजाना, इस योजना के तहत मंजूर की करोड़ों की राहत राशि

पहाड़ी राज्य हिमाचल को प्राइड ऑफ हिल्स योजना के तहत मिली वित्तीय मदद

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शिमला। हिमाचल प्रदेश की डगमगाती आर्थिकी और गहरे वित्तीय संकट के बीच केंद्र की मोदी सरकार ने प्रदेश के लिए राहत का एक बड़ा पिटारा खोला है। मोदी सरकार ने पहाड़ी राज्य हिमाचल को भारी वित्तीय मदद की सौगात दी है। इस मदद से जहां प्रदेश की डगमगाती आर्थिकी को सहारा मिलने की उम्मीद है, वहीं विकास कार्यों को भी नई रफ्तार मिल सकती है।

दरअसल केंद्र की मोदी सरकार ने प्राइड ऑफ हिल्स योजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश को 3920 करोड़ रुपए की भारी-भरकम वित्तीय सहायता मंजूर की है। यह मदद उस समय आई है जब राज्य एक तरफ 1.05 लाख करोड़ के कर्ज के हिमालयी बोझ तले दबा है] वहीं दूसरी ओर रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) बंद होने से भविष्य की चिंताएं गहरा गई थीं।

‘प्राइड ऑफ हिल्स’ योजना के तहत मिली राहत

केंद्र सरकार ने ‘प्राइड ऑफ हिल्स’ योजना के अंतर्गत देश के नौ पहाड़ी राज्यों के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की है। इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश को 3920 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है। यह राशि स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट (SASCI) के तहत जारी की गई है, जिसका उद्देश्य राज्यों में पूंजीगत निवेश को बढ़ावा देना है।

 

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वित्तीय संकट के दौर में बड़ी मदद

यह सहायता ऐसे समय में मिली है, जब हिमाचल प्रदेश गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहा है। राज्य पर बढ़ते कर्ज और सीमित संसाधनों के कारण सरकार पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। खासतौर पर एक अप्रैल 2026 के बाद रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) बंद होने से प्रदेश को हर साल हजारों करोड़ रुपये के घाटे का सामना करना पड़ सकता है।

कर्ज के बोझ के बीच सहारा

वर्तमान में हिमाचल पर करीब 1.05 लाख करोड़ रुपये का कर्ज बताया जा रहा है, जिससे आर्थिक संतुलन बनाए रखना सरकार के लिए चुनौती बना हुआ है। ऐसे में केंद्र से मिली यह वित्तीय सहायता प्रदेश के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखी जा रही है। माना जा रहा है कि इससे सरकार अपनी वित्तीय स्थिति को कुछ हद तक संभाल सकेगी।

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बुनियादी ढांचे को मिलेगी रफ्तार

इस फंड का उपयोग सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आधारभूत ढांचा परियोजनाओं को मजबूत करने में किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि पूंजीगत निवेश बढ़ने से प्रदेश में विकास कार्यों को गति मिलेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

अन्य राज्यों के साथ हिमाचल को भी बड़ा हिस्सा

केंद्र द्वारा जारी इस पैकेज में अरुणाचल प्रदेश को सबसे अधिक राशि दी गई है, जबकि हिमाचल प्रदेश को दूसरा सबसे बड़ा हिस्सा मिला है। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि पहाड़ी राज्यों की भौगोलिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार विशेष ध्यान दे रही है।

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प्रदेश सरकार के लिए राहत की सांस

राजनीतिक और आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, यह वित्तीय सहायता ऐसे समय आई है जब राज्य सरकार लगातार संसाधनों की कमी और बढ़ते खर्चों से जूझ रही है। इस पैकेज से न केवल विकास योजनाओं को गति मिलेगी, बल्कि सरकार को अपने वित्तीय प्रबंधन में भी कुछ राहत मिलेगी।

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