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February 12, 2025

नहीं रहे राम मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास, PGI में ली अंतिम सांस

आचार्य सत्येंद्र दा ने श्री राम की सेवा में अपने जीवन के 33 साल दिए

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Acharya Satyendra Das

नई दिल्ली/शिमला। उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का बुधवार 12 फरवरी को निधन हो गया। उन्हें 3 फरवरी को ब्रेन स्ट्रोक के बाद गंभीर हालत में लखनऊ के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया था। 

ब्रेन स्ट्रोक के बाद अस्पताल में हुए थे भर्ती 

आचार्य सत्येंद्र दास को अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हो पाया और अंततः उन्होंने PGI में अंतिम सांस ली। अस्पताल की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि आचार्य सत्येंद्र दास को मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं थीं, जिनकी वजह से उनकी स्थिति और भी गंभीर हो गई थी। वे न्यूरोलॉजी आईसीयू में इलाजरत थे, जहां उनका निधन हो गया।

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अयोध्या और धार्मिक समाज के लिए बड़ी क्षति

आचार्य सत्येंद्र दास का निधन अयोध्या और पूरे हिंदू धर्म समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। वे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्रमुख पुजारी के रूप में पिछले कई वर्षों से मंदिर में धार्मिक कार्यों का संचालन कर रहे थे। उनके योगदान को अयोध्या में हमेशा याद किया जाएगा।

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अयोध्या राम मंदिर के पुजारी 

आचार्य सत्येंद्र दास को अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन और अन्य धार्मिक कार्यों में उनके योगदान के लिए श्रद्धा और सम्मान की दृष्टि से देखा जाता था। उनका निधन राम मंदिर आंदोलन में एक महत्वपूर्ण मोड़ की समाप्ति को चिह्नित करता है, लेकिन उनका धार्मिक और समाजिक कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्त्रोत बनेगा।

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राम लल्ला की सेवा में 33 साल दिए

बताते चलें कि आचार्य सत्येंद्र दास ने श्री राम की सेवा में अपने जीवन के 33 साल दिए। 1958 में ही उन्होंने अपना घर छोड़ दिया था। राम लल्ला के प्रति उनकी आस्था ऐसी थी कि 100 रूपए मासिक वेतन पर वे अपनी सेवाएं दिया करते थे। 1992 में ​ उनकी नियुक्ति हुई थी। लेकिन पिछले कुछ सालों से इस वेतन में बढ़ोत्तरी का सिलसिला शुरू हुआ. 

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