#विविध
August 10, 2025
देवभूमि में चमत्कार : बाढ़ में बही गरीब की भैंसे, रात को खुद लौटीं घर- परिवार छोड़ चुका था उम्मीद
नदी किनारे भैंसों को चराने गया था बेचारा- आ गई बाढ़
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सिरमौर। बरसात की रात में जब आसमां रोया, गांव के आंगन में भी दुख का बादल छाया, पर ईश्वर ने फिर एक करिश्मा दिखाया, मौत की लहरों से जीवन वापस आया। ऐसा कुछ हुआ है सिरमौर जिले के एक व्यक्ति के साथ।
नाहन उपमंडल में शुक्रवार दोपहर एक दर्दनाक मगर चमत्कारिक घटना ने ग्रामीणों को पहले गमगीन और फिर हैरान कर दिया। मोगीनंद के पास मारकंडा नदी किनारे रहने वाले गरीब गुज्जर परिवार के बुजुर्ग सुंदर सिंह रोज की तरह अपनी भैंसों को चराने ले गए थे। आसमान में बादल थे, लेकिन किसी को अंदेशा नहीं था कि कुछ ही पलों में उनका सब कुछ खतरे में पड़ जाएगा।
करीब साढ़े तीन बजे ऊपरी इलाकों में अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। तेज़ बारिश के चलते नदी का जलस्तर कुछ ही मिनटों में खतरनाक स्तर तक बढ़ गया। शांत बहाव वाली नदी अचानक उफान पर आ गई।
देखते ही देखते सुंदर सिंह की 15 भैंसें, साथ में कटड़े व कटड़ियां, तेज़ धार में बहने लगीं। सुंदर सिंह ने अपनी जान दांव पर लगाकर उन्हें बचाने की कोशिश की, मगर रौद्र रूप धारण कर चुकी नदी के सामने उनके हाथ-पांव बंध गए।
ग्रामीणों ने तुरंत सुकेती पुल से लेकर हरियाणा की सीमा तक तलाश शुरू कर दी। कुछ लोग तो पड़ोसी राज्य हरियाणा के गांवों में भी सूचना देने निकल पड़े, क्योंकि कुछ ही किलोमीटर बाद यह नदी हरियाणा में प्रवेश करती है।
हर किसी के मन में यही चिंता थी कि सुंदर सिंह का परिवार इन पशुओं पर ही निर्भर है। एक भैंस की कीमत डेढ़ से दो लाख रुपये होती है, और यही उनका मुख्य सहारा था। रात करीब 11 बजे, जब अंधेरा पूरी तरह छा चुका था और थके-हारे ग्रामीण लौटने ही वाले थे, तभी बाड़े की दिशा से हलचल सुनाई दी।
टिमटिमाती बल्ब की रोशनी में जैसे ही नजर पड़ी- एक, दो, और फिर पूरी कतार में भैंसें लौट रही थीं। भीगी हुई, कांपती हुई, थकी हुई… लेकिन जिंदा। परिवार के लोग दौड़ पड़े। किसी ने पानी पिलाया, किसी ने चारा डाला, तो कोई बस आंखों से बहते आंसू पोंछ रहा था।
सुंदर सिंह की आंखें भी नम थीं। उन्होंने भावुक होकर कहा- “ये मेरे लिए किसी चमत्कार से कम नहीं। मैंने ख्वाजा जी महाराज को पुकारा था, और उन्होंने मेरी सुन ली।” हालांकि, तीन कटड़ियां और दो कटड़े अब भी लापता हैं। उनकी तलाश के लिए ग्रामीणों और प्रशासन की टीमें हरियाणा तक सूचना भेज चुकी हैं, ताकि अगर वे कहीं किनारे लग जाएं तो वापस लाया जा सके।
इस घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग लिख रहे हैं- गरीब की ममता और भगवान की कृपा ने मौत के मुंह से इन्हें खींच लाया।” कई लोग सुंदर सिंह की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। वहीं प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि बरसात से प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाएगा।