#हादसा
July 8, 2026
हिमाचल : नवदंपती की चंडीगढ़ हा.दसे में मौ*त, 4 महीने पहले हुई थी शादी- घर में पसरा मातम
चार महीने पहले ही हुई थी शादी
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ऊना। तेज रफ्तार आज भी सड़क हादसों की सबसे बड़ी वजह बनी हुई है। लापरवाही और अधिक गति के कारण हर दिन कई लोगों की जान जा रही है। ताजा मामला चंडीगढ़-मोहाली स्थित भारतमाला एक्सप्रेसवे का है, जहां हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के तीन लोग भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गए। तेज रफ्तार क्रेटा कार आगे चल रहे कंटेनर से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार नवविवाहित दंपती समेत तीनों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे मोहाली के बजेहड़ी टोल प्लाजा से करीब 500 मीटर पहले यह दर्दनाक हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि आगे चल रहे कंटेनर चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए। पीछे तेज रफ्तार से आ रही क्रेटा कार संभल नहीं सकी और सीधे कैंटर के पिछले हिस्से से जा टकराई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय कार की रफ्तार करीब 110 किलोमीटर प्रति घंटा थी।
हादसा इतना जबरदस्त था कि क्रेटा कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। टक्कर के बाद कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी।
हादसे में कार चला रहे प्रत्युष जैन और उनकी पत्नी हरसरिता की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं पीछे की सीट पर बैठे सुरेश गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया।
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान 28 वर्षीय प्रत्युष जैन, उनकी 26 वर्षीय पत्नी हरसरिता और 65 वर्षीय सुरेश के रूप में हुई है। हरसरिता जिला ऊना के महितपुर गांव की रहने वाली थीं, जबकि सुरेश देहल गांव के निवासी थे। तीनों हरियाणा के जींद से शादी समारोह में शामिल होकर हिमाचल के ऊना लौट रहे थे।
प्रत्युष जैन और हरसरिता की शादी इसी साल 7 मार्च को हुई थी। शादी के महज चार महीने बाद ही सड़क हादसे ने दोनों की जिंदगी छीन ली। सुरेश पेशे से एडवोकेट थे और प्रत्युष के पिता के करीबी दोस्त बताए जा रहे हैं।
परिजनों के अनुसार प्रत्युष का सैनिटरी का कारोबार था। वह अपनी बहन की शादी में शामिल होने हरियाणा के जींद गए थे। मंगलवार को शादी समारोह खत्म होने के बाद वह अपनी पत्नी और सुरेश के साथ क्रेटा कार में ऊना लौट रहे थे। परिवार के अन्य सदस्य दूसरी कार में उनके पीछे आ रहे थे।
क्रेटा कार प्रत्युष खुद चला रहे थे। आगे की सीट पर उनकी पत्नी हरसरिता बैठी थीं, जबकि सुरेश पीछे की सीट पर बैठे थे। बताया जा रहा है कि रास्ते में कार की रफ्तार बढ़ने से उनकी गाड़ी परिवार की दूसरी कार से काफी आगे निकल गई थी।
हादसे के बाद कंटेनरर चालक मौके पर ही रुका रहा। उसने पुलिस को बताया कि उसके वाहन के सामने अचानक एक सांप आ गया था। उसे बचाने के लिए उसने तुरंत ब्रेक लगाए, जिसके बाद पीछे से आ रही क्रेटा कार उसके कैंटर से टकरा गई।
हादसे की सूचना मिलते ही घड़ूआं थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल खरड़ भेजा गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।
सुरेश ऊना जिला अदालत में एडवोकेट थे। इसके अलावा वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े संगठन सक्षम दिव्यांग सेवा की हिमाचल प्रदेश इकाई के अध्यक्ष भी थे। वह क्षेत्र में संचालित एक दिव्यांग आश्रम के संचालन और समाजसेवा के कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।