#अपराध
August 6, 2026
हिमाचल : ससुरालियों ने दामाद से किया खेला- 2.5 करोड़ कैश, हीरे-जेवरात पर डाला डाका
दामाद ने दुबई में नौकरी के दौरान जोड़ी थी करोड़ों की संपत्ति
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। देहरा क्षेत्र में यहां एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि उसके ससुराल पक्ष ने ही उसकी करोड़ों रुपये की नकदी, सोने-हीरे के आभूषण, विदेशी मुद्रा, पासपोर्ट और जमीन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब कर दिए।
मामले को छिपाने के लिए आरोपियों ने यह कहानी गढ़ी कि गुजरात पुलिस ने घर पर छापा मारकर पूरा सामान जब्त कर लिया है। हालांकि पुलिस जांच में यह दावा पूरी तरह झूठा निकला और अब तक इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो अन्य आरोपी अंतरिम जमानत पर हैं।
पुलिस के अनुसार, थाना रक्कड़ में 29 जून 2026 को दर्ज शिकायत में गांव मोवा निवासी अविनाश ने बताया कि वह वर्ष 2013 से 2025 तक दुबई में सेल्स एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत था। इस दौरान उसने अपनी बचत, विदेश से लाए गए सोने और हीरे के आभूषण तथा बैंक खातों से निकाली गई बड़ी नकदी को सुरक्षित रखने के लिए ससुराल पक्ष के घर में रखा था।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसके पास करीब ढाई करोड़ रुपये मूल्य की नकदी, कीमती आभूषण, अमेरिकी डॉलर, पासपोर्ट और जमीन से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित रखे गए थे। उसने आरोप लगाया कि इसी साल 10 मार्च को उसके ससुरालवालों ने उसे बिना बताए उसका पूरा सामान दूसरी जगह पहुंचा दिया।
सामान के बारे में पूछा तो उसे बताया गया कि अज्ञात लोग घर से सामान लेकर फरार हो गए हैं। बाद के घटनाक्रम में गुजरात पुलिस की कथित रेड की कहानी भी सामने रखी गई, लेकिन शिकायतकर्ता को इस पर संदेह हुआ और उसने पुलिस में मामला दर्ज करा दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने ASP आर.पी. जसवाल और SDPO ज्वालामुखी के नेतृत्व में विशेष जांच दल SIT का गठन किया। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों, CCTV फुटेज और मानव खुफिया सूचना के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी गईं।
जांच में ससुराल पक्ष द्वारा बताए गए कई तथ्यों में विरोधाभास मिला। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ससुराल पक्ष से जुड़े सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं डेराबस्सी (पंजाब) से जुड़े दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। मामले में दो आरोपी फिलहाल अंतरिम जमानत पर हैं और उनसे पूछताछ जारी है।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर अब तक बड़ी मात्रा में संपत्ति बरामद की है। बरामद सामान में-
पुलिस के अनुसार, अब तक दो करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति बरामद की जा चुकी है, जो कुल कथित संपत्ति का लगभग 50 से 60 प्रतिशत हिस्सा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि बाकी नकदी और आभूषण भी आरोपियों से बरामद हो जाएंगे।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि ससुराल पक्ष ने गुजरात पुलिस और अन्य एजेंसियों के नाम का इस्तेमाल कर एक भ्रामक कहानी तैयार की थी, ताकि शिकायतकर्ता को गुमराह किया जा सके। पुलिस ने संबंधित एजेंसियों से संपर्क कर पूरे मामले का सत्यापन किया, लेकिन ऐसी किसी कार्रवाई का कोई रिकॉर्ड या प्रमाण नहीं मिला। इसके बाद स्पष्ट हो गया कि गुजरात पुलिस की कथित रेड की कहानी पूरी तरह झूठी थी।
पुलिस केवल आरोपियों की भूमिका की ही जांच नहीं कर रही है, बल्कि शिकायतकर्ता द्वारा बताए गए धन और आभूषणों के स्रोत की भी जांच की जा रही है। इसके तहत आयकर रिटर्न, खरीद से जुड़े दस्तावेज और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सके।
पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।