#विविध
June 11, 2026
हिमाचली युवक की ओमान में मौ*त, मां-बाप का था इकलौता बेटा; 7 माह पूर्व ही ज्वाइन की थी मर्चेंट नेवी
अनुराग ठाकुर ने पार्थिव देह भारत लाने के लिए विदेश मंत्रालय से की बात
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हमीरपुर। ईरान और अमेरिका के बीच सुलग रही युद्ध की आग ने हिमाचल प्रदेश के एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां खाक कर दी हैं। ओमान तट के पास होर्मुज स्ट्रेट में एक तेल टैंकर पर हुए अमेरिकी नौसेना के भीषण हमले में हिमाचल के हमीरपुर जिला के 24 वर्षीय युवा नाविक (डेक कैडेट) आदित्य शर्मा सहित तीन भारतीयों की दर्दनाक मौत हो गई। जैसे ही आदित्य की मौत की खबर हमीरपुर के गलोड़ क्षेत्र में स्थित उसके पैतृक गांव पहुंची, पूरे इलाके में कोहराम मच गया। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
आदित्य शर्मा अपने माता-पिता का इकलौता बेटा और बुढ़ापे का एकमात्र सहारा था। परिवार के लिए कुछ बड़ा करने और गरीबी के दिन बदलने का सपना लेकर गलोड़ क्षेत्र की हरेटा पंचायत के भालू गांव से संबंध रखने वाले आदित्य शर्मा ने 2025 में ही मर्चेंट नेवी ज्वाइन की थी। चेन्नई से कोर्स पूरा करने के बाद उसे यह पहली बड़ी पोस्टिंग मिली थी। लेकिन किसे पता था कि घर से निकलने के महज 8 महीने बाद ही विदेशी धरती पर चल रहे युद्ध की वेदी पर इस मासूम की जान चली जाएगी।
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बताया जा रहा है कि अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई के दौरान जिस तेल टैंकर को निशाना बनाया गया, उस पर कुल 24 सदस्य सवार थे। इनमें से 21 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन आदित्य सहित तीन भारतीय अपनी जान नहीं बचा सके।
आदित्य के पिता राजेश शर्मा जालंधर में एक निजी कंपनी में बेहद मामूली नौकरी करते हैं, जबकि माता सुषमा शर्मा गृहणी हैं। घर पर उसकी बुजुर्ग दादी हैं जो बार-बार अपने पोते का नाम लेकर बेसुध हो रही हैं। आदित्य ने 12वीं तक की पढ़ाई जालंधर से ही की थी। माता-पिता ने पेट काटकर बेटे को इस मुकाम तक पहुंचाया था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने आदित्य शर्मा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि एक युवा हिमाचली का इस तरह दुनिया से चले जाना अत्यंत पीड़ादायक है। अनुराग ठाकुर ने विदेश मंत्रालय के समक्ष मामला उठाते हुए आदित्य की पार्थिव देह को जल्द से जल्द भारत लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने भारतीय दूतावास, संबंधित एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाने की बात भी कही है।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी इस त्रासदी पर गहरा दुख प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुख की इस अत्यंत कठिन घड़ी में पूरी राज्य सरकार प्रभावित परिवार के साथ चट्टान की तरह खड़ी है। सीएम के निर्देश मिलते ही गलोड़ के तहसीलदार केशव कुमार प्रशासन की तरफ से भालू गांव में पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और हर संभव मदद का भरोसा दिया।