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August 19, 2026
हिमाचल में आज फिर भारी बारिश का अलर्ट : स्कूल-कॉलेज बंद, 7 जिलों में बाढ़ का खतरा
350 से ज्यादा सड़कें बंद, कई इलाकों में जलभराव
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया है। मंगलवार शाम से लेकर बुधवार सुबह तक प्रदेश के कई जिलों में हुई तेज बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया।
शिमला, सोलन, सिरमौर और मंडी में भारी बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन, पेड़ गिरने और जलभराव की घटनाएं सामने आई हैं। कई सड़कों पर मलबा आने से यातायात बाधित हुआ, जबकि निचले इलाकों में घरों और दुकानों में पानी घुस गया।
बारिश के कारण प्रदेशभर में 350 से अधिक सड़कें वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हो गई हैं। शिमला शहर और आसपास के क्षेत्रों में पहाड़ी से मलबा और पेड़ गिरने के कारण कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। लगातार बारिश से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है।
सिरमौर जिले के कमरऊ क्षेत्र के बागनाधार में मंगलवार दोपहर बाद बड़ा हादसा हुआ। करीब चार बजे अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें नीचे आ गिरीं। इस दौरान चूना पत्थर की खदान में काम कर रहे दो ट्रक और एक टिप्पर इसकी चपेट में आ गए।
हादसे के दौरान तीन मजदूर मलबे के नीचे दब गए। घटनास्थल की स्थिति बेहद खतरनाक होने के कारण मंगलवार देर शाम तक राहत एवं बचाव अभियान शुरू करना मुश्किल रहा। पहाड़ी से लगातार बड़ी-बड़ी चट्टानें गिर रही थीं, जिससे बचाव दल के लिए मौके पर पहुंचना जोखिम भरा बना हुआ था।
बुधवार सुबह हालात का जायजा लेने के बाद बचाव कार्य शुरू किया गया। मलबे में दबे मजदूरों की तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है। समय बीतने के साथ उनके सुरक्षित मिलने को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। प्रशासन और बचाव दल घटनास्थल पर स्थिति के अनुसार अभियान आगे बढ़ा रहे हैं।
कांगड़ा जिले में भी भारी बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा। नक्की खड्ड में पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि एक वाहन पानी के साथ कुछ दूरी तक बह गया। हालांकि मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत तत्परता दिखाई और वाहन चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। प्रशासन भी लोगों से ऐसे स्थानों से दूरी बनाए रखने की अपील कर रहा है।
बारिश के चलते ऊना जिले के बंगाणा उपमंडल में हालात को देखते हुए प्रशासन ने बुधवार को सभी स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी। खराब मौसम और संभावित जोखिम को देखते हुए यह फैसला विद्यार्थियों और स्टाफ की सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है।
सोलन जिले के परवाणू और कसौली सहित कई क्षेत्रों में भारी बारिश का असर दिखाई दिया। निचले इलाकों में पानी की निकासी प्रभावित होने से कई जगह जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। कुछ स्थानों पर पानी घरों और दुकानों के अंदर तक पहुंच गया। सिरमौर के निचले इलाकों में भी बारिश के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं मंडी जिले के धर्मपुर क्षेत्र में भी भारी बारिश के कारण कई जगह हालात बिगड़े हैं।
राजधानी शिमला में भी बारिश ने परेशानी बढ़ा दी। शहर के अलग-अलग हिस्सों में पेड़ गिरने और पहाड़ी से मलबा आने की घटनाएं सामने आईं। इन घटनाओं में पांच से अधिक वाहनों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है।
बारिश के कारण कई संपर्क मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हुई है। सड़क पर मलबा और चट्टानें गिरने से यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने में भी प्रशासन और संबंधित विभागों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
मानसून सीजन के दौरान पिछले करीब 15 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में एक साथ भारी बारिश से स्थिति खराब हुई है। बड़ी संख्या में सड़कों के बंद होने से परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई है। कई ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों को मुख्य मार्गों तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश के कारण भूस्खलन वाले संवेदनशील क्षेत्रों में खतरा बढ़ गया है। ऐसे में लोगों को मौसम साफ होने तक अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।
मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के सात जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर शामिल हैं। इन जिलों के कुछ हिस्सों में तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक हिमाचल के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक जलस्तर बढ़ने जैसी परिस्थितियों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
20 अगस्त को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में बारिश को लेकर येलो अलर्ट की चेतावनी दी गई है। इसके अगले दिन यानी 21 अगस्त को कांगड़ा और मंडी में भी तेज बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि अन्य जिलों के लिए उस दिन किसी बड़े अलर्ट की चेतावनी नहीं है।
22 अगस्त को प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 23 अगस्त से मानसून की सक्रियता में कमी आने की संभावना है। इसके बाद प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत बेहतर हो सकता है।
फिलहाल भारी बारिश के बीच प्रशासन और बचाव एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती संवेदनशील क्षेत्रों में यातायात बहाल करना और भूस्खलन प्रभावित स्थानों पर राहत एवं बचाव कार्य को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाना है।