#अव्यवस्था
April 13, 2026
हिमाचल: कमला नेहरू अस्पताल शिफ्टिंग पर बवाल- सड़कों पर उतरी महिलाएं, सरकार को घेरा
102 साल पुराने अस्पताल की शिफ्टिंग पर विरोध
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में स्थित मातृ एवं शिशु सेवाओं के लिए प्रसिद्ध कमला नेहरू अस्पताल KNH को IGMC में शिफ्ट करने के प्रस्ताव ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। इस फैसले के खिलाफ अब शहर में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं और मामला राजनीतिक रंग भी लेने लगा है।
अस्पताल के बाहर सोमवार को अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की अगुवाई में महिलाओं ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए इस फैसले को महिला विरोधी बताया।
उनका कहना है कि प्रदेश के इकलौते विशेष मातृ एवं शिशु अस्पताल को हटाना सीधे तौर पर महिलाओं की सुविधाओं पर चोट है। समिति की सचिव फालमा चौहान ने कहा कि करीब 100 साल से अधिक पुराने इस अस्पताल का संबंध कमला नेहरू के नाम से जुड़ा है। ऐसे में इसे शिफ्ट करना स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान के साथ भी खिलवाड़ है।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों का यह भी आरोप है कि अस्पताल को हटाकर वहां विधायक हॉस्टल बनाने की योजना है, जो पूरी तरह अनुचित है।
उनका कहना है कि KNH में एक ही छत के नीचे महिलाओं और नवजातों के लिए सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। जबकि शिफ्टिंग के बाद मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने भी इस फैसले का विरोध करते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जिला शिमला के अध्यक्ष केशव चौहान ने कहा कि अस्पताल को शिफ्ट कर सरकार महिलाओं और आम जनता के हितों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने दावा किया कि स्वास्थ्य सेवाओं की लागत भी बढ़ाई जा रही है, जिससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ पड़ेगा।
भाजपा ने साफ किया है कि अगर सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो इसे लेकर बड़े स्तर पर आंदोलन छेड़ा जाएगा। फिलहाल, KNH अस्पताल का मुद्दा शिमला में जनभावनाओं से जुड़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में यह विरोध और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।