#हिमाचल
January 21, 2025
हिमाचल में यहां खतरनाक हुई हवा- सांस नहीं ले पा रहे लोग, पड़ रहे बीमार
बद्दी में 300-400 के बीच पहुंचा AQI
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सोलन। हिमाचल प्रदेश के बद्दी में स्थित एशिया के सबसे बड़े फार्मा हब की हवा की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है। जनवरी के महीने में यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) का स्तर एक दिन छोड़कर बाकी दिनों में 'वेरी पूअर' जोन में रहा, जिससे स्थानीय लोग भी बीमार हो रहे हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, 13 जनवरी को ही हवा संतोषजनक जोन में रही, जबकि बाकी दिन AQI का स्तर 300 से 400 के बीच बना रहा, जो 'वेरी पूअर' केटेगरी में आता है।
इस प्रदूषण के कारण बद्दी के निवासियों में गला खराब, खांसी और बुखार जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, बद्दी का AQI 1 से 17 जनवरी के बीच कई बार पुअर और वेरी पूअर जोन में रहा। 3, 4, 9, 10, और 11 जनवरी को AQI का स्तर 301 से 400 के बीच रहा, जबकि 5 से 8, 14 और 16 जनवरी को यह पुअर जोन में दर्ज किया गया। 1, 2, 12, 15, और 17 जनवरी को हालांकि हवा मॉडरेट जोन में रही।
हालांकि, बद्दी के आसपास के इलाकों जैसे नालागढ़ और बरोटीवाला में वायु गुणवत्ता की स्थिति बेहतर रही है। नालागढ़ में सभी दिन एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) संतोषजनक जोन में रहा, और बरोटीवाला में भी हवा मुख्यतः संतोषजनक और मॉडरेट जोन में रही।
बद्दी के अलावा पांवटा साहिब और कालाअंब की हवा भी प्रदूषित पाई गई। पांवटा साहिब में इस महीने के दौरान 6 दिन AQI 'मॉडरेट' जोन में रहा, जबकि कालाअंब में 8 दिन तक हवा का स्तर मॉडरेट जोन में रहा। अन्य क्षेत्रों जैसे ऊना, शिमला, मनाली, सुंदरनगर, डमटाल, और नालागढ़ में प्रदूषण का स्तर सामान्य रहा, और मनाली में तो जनवरी में AQI 50 से नीचे दर्ज किया गया।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ अभियंता प्रवीण गुप्ता ने बताया कि बद्दी में हवा की खराब गुणवत्ता के मुख्य कारणों में प्रदूषण, सुबह-शाम का ट्रैफिक और धुंध शामिल हैं। उन्होंने बताया कि बोर्ड लगातार उद्योगों का निरीक्षण कर रहा है और जो उद्योग प्रदूषण फैला रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।