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February 12, 2026

हिमाचल में मानव तस्करी का पर्दाफाश: झारखंड से लाए बच्चों का यहां होता था सौदा !

महिला दो साथियों के साथ झारखंड से लाती थी बच्चे

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human trafficking

हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले से मानव तस्करी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया हैए जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के गृह जिला से जुड़े इस प्रकरण में पुलिस ने झारखंड से लाए गए दो नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। बड़ी बात यह है कि इन मासूमों की तस्करी करने के आरोप एक महिला पर लगे हैं। पुलिस ने इस महिला को भी गिरफ्तार कर लिया है। 

 

मिली जानकारी के अनुसार यह महिला झारखंड से बच्चों की तस्करी कर उन्हें हिमाचल लाती थी और फिर यहां पर उनसे बाल मजदूरी करवाई जाती थी। मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ना सिर्फ दो मासूमों को रेस्क्यू किया है, बल्कि आरोपी महिला को भी गिरफ्तार कर उसके गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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बड़े रैकेट का खुलासा

पूरे मामले का खुलासा चाइल्ड हेल्पलाइन पर मिली एक गुप्त सूचना से हुआ। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) को जानकारी मिली कि झारखंड की एक महिला बच्चों को बहला-फुसलाकर हिमाचल ला रही है और उन्हें मजदूरी में झोंक रही है। सूचना मिलते ही CWC ने पुलिस अधीक्षक हमीरपुर को अवगत कराया, जिसके बाद जांच तेज कर दी गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक बच्चे को कुल्लू और दूसरे को हमीरपुर से रेस्क्यू किया।

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महिला मासूमों की करती थी तस्करी

जांच में सामने आया कि गिरफ्तार महिला का नाम दुलारी देवी है, जो झारखंड की निवासी है। आरोप है कि वह झारखंड से पांच नाबालिग बच्चों को हिमाचल लेकर आई थी। इनमें से दो बच्चों को पुलिस ने बरामद कर लिया है, जबकि बाकी बच्चों की तलाश जारी है। बताया जा रहा है कि बच्चों के मोबाइल फोन तक जब्त कर लिए गए थे ताकि वे अपने परिजनों से संपर्क न कर सकें। बच्चों के माता-पिता को भी यह जानकारी नहीं थी कि उनके बच्चे कहां ले जाए गए हैं।

गिरोह के हमीरपुर से जुड़े तार

प्रारंभिक पूछताछ में महिला ने दो अन्य व्यक्तियों के नाम भी उजागर किए हैं। एक व्यक्ति झारखंड का बताया जा रहा है, जबकि दूसरा हमीरपुर जिले के जाहू क्षेत्र से जुड़ा है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या यह संगठित गिरोह है, जो बच्चों को मजदूरी के लिए अलग-अलग जिलों में भेजता था। पैसों के लेन-देन और संभावित खरीद-फरोख्त की भी जांच की जा रही है।

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कुल्लू में करवाई जा रही थी मजदूरी

रेस्क्यू किए गए बच्चों से पूछताछ में सामने आया है कि उन्हें कुल्लू में काम पर लगाया गया था। यह भी जानकारी मिली है कि बच्चों पर नजर रखी जा रही थी और उन्हें बाहर संपर्क करने की अनुमति नहीं थी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या अन्य जिलों में भी ऐसे बच्चे भेजे गए हैं।

एसपी ने की पुष्टि

हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक बलबीर सिंह ठाकुर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी महिला के खिलाफ बाल श्रम और मानव तस्करी की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। महिला थाना हमीरपुर में केस दर्ज कर आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनसे भी पूछताछ की जाएगी। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने के लिए हर पहलू की जांच की जा रही है।

 

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प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

सीएम सुक्खू के गृह जिला से मानव तस्करी का मामला सामने आने से प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि बाल श्रम और तस्करी के खिलाफ सख्त निगरानी तंत्र विकसित किया जाए। वहीं, प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और मासूम बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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