#अपराध
January 23, 2026
हिमाचल में दो अदालतों को ब.म से उड़ाने की मिली धमकी, लोगों में मची अफरा-तफरी
ईमेल के जरिए मिली दो जिलों को धमकी
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हमीरपुर/कुल्लू। गणतंत्र दिवस से ठीक पहले हिमाचल प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। मुख्यमंत्री को मिली धमकी के बाद अब न्यायालयों को बम से उड़ाने की चेतावनियों ने हालात और गंभीर बना दिए हैं। लगातार मिल रही धमकियों से न सिर्फ प्रशासन अलर्ट मोड पर है, बल्कि आम लोगों और न्यायालय कर्मियों के बीच भी भय और असुरक्षा का माहौल गहराता जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आज शुक्रवार को एक साथ दो जिलों कुल्लू और हमीरपुर के न्यायालयों को धमकी दी गई। धमकी मिलते ही दोनों जगह अफरा-तफरी मच गई और पुलिस तुरंत अलर्ट मोड पर आ गई। मौके पर सभी लोगों को न्यायालयों से बाहर निकाला गया।
जिला कुल्लू में ढालपुर स्थित जिला अदालत कार्यालय को ईमेल के जरिए धमकी मिली कि पूरे परिसर को बम से उड़ाया जाएगा। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। सुरक्षा के लिए BSNL ऑफिस और आसपास के दफ्तर भी खाली करवा दिए गए। साथ ही बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड भी बुला लिए गए। पूरे कोर्ट परिसर की तलाशी ली जा रही है।
हमीरपुर में भी स्थिति वैसी ही थी। जिला न्यायालय को शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे धमकी भरा ईमेल मिला। जैसे ही ईमेल की जानकारी मिली, पुलिस अधीक्षक और टीम तुरंत मौके पर पहुंची। कोर्ट परिसर को खाली करवा दिया गया, और कोर्ट में मौजूद अधिकारी, कर्मचारी, वकील और आम लोग सभी बाहर निकाले गए।
पुलिस ने बम स्क्वॉड की मदद से कोर्ट के हर कोने, कोर्ट रूम, रिकॉर्ड रूम और आसपास के क्षेत्र की सघन तलाशी शुरू कर दी। पूरे इलाके को घेराबंदी में ले लिया गया और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
यह कोई पहला मामला नहीं है। इसी महीने धर्मशाला कोर्ट को धमकी मिली थी। 2025 में हमीरपुर डीसी कार्यालय को भी बम धमकी मिली थी। उस समय भी पूरा ऑफिस खाली कर जांच की गई थी। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध चीज़ या गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक बलवीर सिंह ठाकुर और कुल्लू के SP मदनलाल कौशल ने बताया कि पुलिस मामले की सख्ती से जांच कर रही है। धमकी ईमेल कहां से और किसने भेजी, यह पता लगाया जा रहा है कि धमकी ईमेल किसने और कहां से भेजा। उन्होंने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं होती और जगह पूरी तरह सुरक्षित नहीं होती, तब तक कोर्ट में काम नहीं होगा। उन्होंने आम लोगों से भी कहा कि शांति बनाए रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें।