#अपराध
October 12, 2025
हिमाचल: स्कूल गए दो सगे भाई रहस्यमय ढंग से लापता, अपहरण का केस दर्ज; सदमें में परिजन
परिजनों को सता रहा अनहोनी का डर
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शिमला। हिमाचल की राजधानी शिमला से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक ही परिवार के दो बेटे संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए हैं। एक साथ दो सगे भाईयों के लापता होने से ना सिर्फ परिवार सदमें में है, बल्कि इस घटना से पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया है। हर कोई इस घटना से स्तब्ध है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार यह घटना शिमला जिला के रोहड़ू उपमंडल के तहत चिड़गांव थाना क्षेत्र से आई है। यहां दो सगे भाई रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए हैं। दोनों किशोर स्कूल के लिए घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। तीन दिन बीत जाने के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं लग पाया है। इस घटना से परिवार सदमे में है और उन्हें किसी अनहोनी की आशंका सता रही है।
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गांव टेलगा डाकघर खाशाधर निवासी माशू ने पुलिस में दर्ज करवाई शिकायत में बताया कि उनके दो बेटे 15 वर्षीय बलदेव और 14 वर्षीय भीम सिंह 9 अक्तूबर की सुबह करीब 9 बजे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुंधा के लिए घर से निकले थे। लेकिन स्कूल जाने के बाद वे घर वापस नहीं आए। शाम तक जब दोनों नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की।
परिजनों ने बच्चों की तलाश रिश्तेदारों, दोस्तों और आसपास के इलाकों में की, लेकिन दोनों का कोई पता नहीं चला। परिजनों ने आशंका जताई है कि उनके बेटों का अपहरण किया गया है। अचानक दोनों बेटों के इस तरह से गायब होने से पूरा परिवार सदमे में है और उन्हें लगातार किसी अनहोनी की चिंता सता रही है।
पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 137 के तहत अपहरण का मामला दर्ज कर लिया है। चिड़गांव थाना पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में सघन खोज अभियान चलाया है। बस अड्डों, बाजारों, स्कूलों और संभावित रूटों पर भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों लापता किशोरों की तलाश में विशेष टीमें लगाई गई हैं। साथ ही लोगों से भी अपील की गई है कि यदि किसी को इन दोनों के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
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इस घटना के बाद गांव में दहशत और सन्नाटा पसरा हुआ है। परिजनों की आंखों में अपने बेटों के लौटने की आस अब भी जिंदा है, लेकिन तीन दिन बीतने के बाद उनकी बेचैनी और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले कभी गांव में इस तरह की घटना नहीं हुई, जिससे चिंता और गहरी हो गई है।