#अपराध

June 24, 2025

हिमाचल पुलिस के हत्थे चढ़े दो यार, कार में छुपाकर ले जा रहे थे चरस का जखीरा

पुलिस ने तलाशी के लिए रोकी कार- युवकों के उड़े होश

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Charas Smugglers

कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में नशे का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। हिमाचल पुलिस आए दिन नशा तस्करों को अरेस्ट कर सलाखों के पीछे डाल रही है। इसी कड़ी में अब ताजा मामला हिमाचल के कांगड़ा जिले से सामने आया है- जहां पालमपुर पुलिस टीम ने दो युवकों को भारी मात्रा में चरस के साथ गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

चरस समेत दो अरेस्ट

बताया जा रहा है कि पुलिस टीम ने बीते कल चचियां में नाका लगाया हुआ था। इस दौरान पुलिस टीम ने एक मारुति स्विफ्ट कार नंबर HP01M-5132 को तलाशी के लिए रोका। पुलिस को देखकर कार में सवार दोनों युवकों के होश उड़ गए।

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कार में ले जा रहे थे खेप

इसी बीच पुलिस ने कार की तलाशी ली तो तलाशी के दौरान पुलिस टीम को कार में 2.040 किलोग्राम चरस बरामद हुई। इसके बाद पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और खेप को भी अपने कब्जे में ले लिया।

आरोपियों की पहचान

पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी मंडी जिले के रहने वाले हैं। आरोपियों की पहचान-

  • रोहित निवासी गांव सारी
  • ओंकार सिंह निवासी गांव धरमेहड

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बड़े नेटवर्क का होगा खुलासा

मामले की पुष्टि करते हुए थाना प्रभारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस टीम ने दोनों युवकों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस टीम द्वारा दोनों युवकों से पूछताछ कर ये पता लगाया जा रहा है कि वो ये खेप कहां से खरीद कर लाए थे और आगे किसको सप्लाई करने वाले थे। उम्मीद है कि आरोपियों से पूछताछ में नशा तस्करी के किसी बड़े नेटवर्क का खुलासा होगा।

धड़ल्ले से हो रही नशा तस्करी

हिमाचल पुलिस इस बढ़ते खतरे को रोकने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। नियमित चेकिंग, स्पेशल ऑपरेशनों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर कई तस्करों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। फिर भी कुल्लू, मंडी, कांगड़ा और शिमला जैसे जिले नशा तस्करी के बड़े केंद्र बनते जा रहे हैं। यह न सिर्फ एक सामाजिक संकट है, बल्कि हिमाचल की शांत और धार्मिक छवि पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। समय आ गया है कि नशे के खिलाफ सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ समाज भी एकजुट होकर लड़ाई लड़े, ताकि प्रदेश की आने वाली पीढ़ी को इस अंधेरे दलदल से बाहर निकाला जा सके।

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