#अपराध
June 19, 2025
हिमाचल में पठानकोट के युवकों से मिली आधा किलो चरस, कार में छिपा रखा था सफेद झोला
कार में सवार थे तीन युवक- पुलिस को देख उड़ा चेहरे का रंग
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कांगड़ा। हिमाचल में नशे का कारोबा धड़ल्ले से किया जा रहा है। हिमाचल पुलिस आए दिन कई तस्करों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे डाल रही है। मगर बावजूद इसके अभी भी लोग इस काले कारोबार को करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला हिमाचल के कांगड़ा जिले से सामने आया है-जहां पर पुलिस टीम ने तीन नशा तस्करों को धर-दबोचा है।
मिली जानकारी के अनुसार, नूरपुर पुलिस टीम ने कंड़वाल बैरियर पर नाका लगाया हुआ था। इसी दौरान पुलिस टीम ने वहां से गुजर रही एक i-20 कार को तलाशी के लिए रोका। पुलिस को देखकर कार सवार तीनों युवकों के चेहरे का रंग उड़ गया।
पुलिस टीम ने शक के आधार पर युवकों की तलाशी ली- तो पुलिस टीम ने उनके कब्जे से 538 ग्राम चरस बरामद की। युवकों ने ये खेप कार में सफेद रंग के झोले में छिपाई हुई थी। इसके बाद पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चरस की खेप को अपने कब्जे में लेकर कार सवार तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी पठानकोट के रहने वाले हैं। आरोपियों की पहचान-
मामले की पुष्टि करते हुए SP नूरपुर अशोक रत्न ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20, 25 और 29 के तहत FIR दर्ज कर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। जल्द आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। आरोपियों से पूछताछ कर ये पता लगाया जाएगा कि वो ये खेप कहां से और किससे खरीद कर लाए थे। उन्होंने कहा कि इस कारोबार में संलिप्त हर व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विदित रहे कि, हिमाचल प्रदेश इस समय नशे की लत और तस्करी जैसी खतरनाक चुनौतियों से जूझ रहा है। राज्य के विभिन्न जिलों में नशे का जाल इस कदर फैल चुका है कि यह युवा पीढ़ी के भविष्य पर सीधा खतरा बन गया है। खासकर चरस, चिट्टा, हेरोइन और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स जैसे घातक मादक पदार्थों का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है।
चिंताजनक बात यह है कि यह कारोबार सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका जाल अंतरराष्ट्रीय तस्करों तक फैला हुआ है। बाहरी राज्यों से आने वाले अपराधी भी इस गोरखधंधे में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। सीमावर्ती राज्य जैसे पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर से मादक पदार्थ हिमाचल में लाए जा रहे हैं और यहां के युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेला जा रहा है।
हिमाचल पुलिस इस बढ़ते खतरे को रोकने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। नियमित चेकिंग, स्पेशल ऑपरेशनों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर कई तस्करों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। फिर भी कुल्लू, मंडी, कांगड़ा और शिमला जैसे जिले नशा तस्करी के बड़े केंद्र बनते जा रहे हैं। यह न सिर्फ एक सामाजिक संकट है, बल्कि हिमाचल की शांत और धार्मिक छवि पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। समय आ गया है कि नशे के खिलाफ सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ समाज भी एकजुट होकर लड़ाई लड़े, ताकि प्रदेश की आने वाली पीढ़ी को इस अंधेरे दलदल से बाहर निकाला जा सके।