#अपराध
October 27, 2026
बड़ी खबर: हिमाचल में 6 करोड़ का चिट्टा बरामद, पंजाबी युवक के पास मिला 1.120 KG नशा
शिमला के शोघी में पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान पकड़ी चिट्टे की खेप
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने ना सिर्फ पुलिस के बल्कि आम जनता के भी होश उड़ा दिए हैं। राजधानी शिमला में पुलिस ने एक किलो से भी अधिक चिट्टे की खेप के साथ हरियाणा के एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार पकड़ी गई 1.120 किलोग्राम हाई ग्रेड हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब छह करोड़ रुपये आंकी गई है। इतनी बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। इस कार्रवाई को वर्ष 2026 में जिला शिमला की बड़ी नशा बरामदगियों में से एक बताया जा रहा है।
पुलिस की स्पेशल सेल को गुप्त सूचना मिली थी कि भारी मात्रा में चिट्टे की खेप शिमला पहुंच सकती है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने शोघी क्षेत्र में नाकाबंदी की और संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की। इसी दौरान एक टैक्सी को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें से 1 किलो 120 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। पुलिस ने नशीले पदार्थ को कब्जे में लेकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपी की पहचान पंजाब के अमृतसर निवासी रेशम सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार उसके खिलाफ आगामी जांच शुरू कर दी है।
मामले से जुड़े एक विवरण के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह आशंका सामने आई है कि नशे की खेप हरियाणा से शिमला लाई गई थी और इसे तारा देवी क्षेत्र में मौजूद संपर्कों तक पहुंचाया जाना था। हालांकि, सप्लाई के पूरे रास्ते और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नशे का असली सप्लायर कौन है और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।
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पुलिस ने मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एएसपी सिटी मेहर पंवार ने प्रेस वार्ता के दौरान कार्रवाई की जानकारी दी थी। अब पुलिस नशीले पदार्थ की खरीद-फरोख्त से जुड़े संपर्कों, मोबाइल रिकॉर्ड, तकनीकी साक्ष्यों और संभावित वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है। जांच का उद्देश्य केवल पकड़े गए आरोपी तक सीमित रहने के बजाय नशा सप्लाई करने वाले नेटवर्क तक पहुंचना है।
उपलब्ध पुलिस आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में जिला शिमला में अब तक चार किलोग्राम से अधिक चिट्टा, 14 किलोग्राम अफीम, 15 किलोग्राम चरस और पांच किलोग्राम से अधिक पोस्त बरामद किया जा चुका है। इसके अलावा 11.6 ग्राम एलएसडी, लगभग 60 ग्राम मेथामफेटामाइन और 10 लाख से अधिक अवैध भांग के पौधे बरामद या नष्ट किए जाने की जानकारी भी दी गई है। ये आंकड़े जिले में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई के व्यापक दायरे को दर्शाते हैं।
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नशा तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अब सप्लाई चेन और बड़े नेटवर्क की जांच पर भी ध्यान दे रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, आदतन नशा तस्करों के खिलाफ PITNDPS Act के तहत कार्रवाई भी की जा रही है। इस कानून के तहत पात्र मामलों में निवारक हिरासत की कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, हर मामले में कार्रवाई तथ्यों और लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार होती है।
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चिट्टा यानी हेरोइन का सेवन व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और सामाजिक जीवन पर गंभीर असर डाल सकता है। प्रदेश में नशे की तस्करी से जुड़े मामले लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। शोघी में एक किलो से अधिक चिट्टे की बरामदगी इस समस्या की गंभीरता को रेखांकित करती है। पुलिस की जांच से अब यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि इतनी बड़ी खेप के पीछे कौन-सा नेटवर्क सक्रिय था और इसकी सप्लाई कहां से संचालित हो रही थी।