#अपराध
February 15, 2026
हिमाचल में चिट्टा तस्करी करवाता था पंजाब का नेटवर्क, नेपाल से पकड़ा मास्टर माइंड- 6 अरेस्ट
शिमला के ग्रामीण इलाकों में नशे का नेटवर्क, पुलिस की बड़ी कार्रवाई
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में चिट्टे का जाल अब सिर्फ बाहरी तस्करों तक सीमित नहीं रह गया है। यह नेटवर्क स्थानीय युवाओं के सहारे गांव-गांव तक फैलाया जा रहा है, जिससे नशा सीधे घरों और परिवारों के भीतर पहुंच रहा है।
शिमला जिले के ग्रामीण इलाकों में इसी तरह सक्रिय एक बड़े चिट्टा तस्करी गिरोह का शिमला पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। बीते 11 दिनों में पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें चार शिमला और दो पंजाब के रहने वाले हैं।
इस पूरे मामले की शुरुआत 2 फरवरी को हुई, जब रोहड़ू पुलिस ने मेंहदली पुल के पास दो युवकों को रोका। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 83 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान जश्नदीप सिंह और धर्मप्रीत सिंह के रूप में हुई, जो मूल रूप से पंजाब के रहने वाले हैं। शुरुआती जांच में ही सामने आया कि दोनों आरोपी पंजाब से चिट्टा लाकर जिला शिमला में इसकी सप्लाई कर रहे थे।
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पुलिस ने जब जांच आगे बढ़ाई और दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन, डिजिटल डेटा और बैंक खातों की जांच की, तो नशे के इस कारोबार से जुड़े कई और नाम सामने आने लगे। इसके बाद पुलिस ने इस नेटवर्क पर शिकंजा कसना शुरू किया।
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10 फरवरी को रोहड़ू पुलिस ने इस कड़ी में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें 24 वर्षीय आशीष चौहान, 31 वर्षीय नवीन शेट्टा और 39 वर्षीय दीवान चंद शामिल हैं। ये तीनों चिढ़गांव क्षेत्र के रहने वाले हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये आरोपी स्थानीय स्तर पर चिट्टे की सप्लाई और नेटवर्क फैलाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि चिढ़गांव के सुंदा गांव का रहने वाला 35 वर्षीय विजेंद्र मेहता उर्फ ‘छोटू’ इस पूरे इलाके में चिट्टे की तस्करी का मुख्य कड़ी था। विजेंद्र ही पंजाब निवासी जश्नदीप सिंह से चिट्टा खरीदता था और फिर इसे चिढ़गांव और रोहड़ू क्षेत्र में सप्लाई करता था। पुलिस के अनुसार, 1 फरवरी को भी विजेंद्र ने जश्नदीप से 37 ग्राम चिट्टा खरीदा था। वह स्थानीय युवाओं को नशे के जाल में फंसाकर नेटवर्क को लगातार बढ़ा रहा था।
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मामले में नाम सामने आने के बाद विजेंद्र शिमला से फरार हो गया और गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल चला गया। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस ने तलाश तेज कर दी।
मामले की जानकारी देते हुए एएसपी हेडक्वार्टर अभिषेक ने बताया कि 13 फरवरी को रोहड़ू पुलिस ने उत्तराखंड पुलिस और नेपाल पुलिस के साथ समन्वय कर 48 घंटे तक विशेष अभियान चलाया। इस दौरान आरोपी विजेंद्र मेहता को नेपाल सीमा के बनवासा क्षेत्र के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।
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पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। नेटवर्क की गहराई और अन्य संपर्कों की जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। शिमला पुलिस का दावा है कि नशे के इस नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ने के लिए हर स्तर पर कार्रवाई की जा रही है।