#अपराध
January 29, 2026
हिमाचल : दहेज लोभी सास ने छीने नई दुल्हन के गहने, करने लगे और डिमांड- थाने पहुंची विवाहिता
विवाहिता ने सास-ससुर, पति के खिलाफ शिकायत करवाई दर्ज
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ऊना। हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना से दहेज प्रताड़ना का एक गंभीर मामला सामने आया है- जिसने एक बार फिर समाज में जड़ जमाए दहेज प्रथा और महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों की सच्चाई को उजागर किया है।
महिला पुलिस थाना ऊना में दर्ज कराई गई शिकायत में एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि ससुराल वालों ने उसका स्त्रीधन भी हड़प लिया है।
पीड़िता के अनुसार, उसकी शादी पिछले साल 18 जनवरी को हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार गांव धर्मपुर, तहसील हरोली निवासी अमनदीप सिंह के साथ संपन्न हुई थी। शादी के समय लड़की पक्ष की ओर से सामर्थ्य के अनुसार दहेज और उपहार दिए गए थे।
शुरुआत में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन कुछ ही समय बाद ससुराल वालों का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि शादी के लगभग एक महीने बाद उसकी सास ने उससे जबरन गहने उतरवा लिए और यह कहकर अपने पास रख लिए कि वह उन्हें सुरक्षित रखेगी।
इसके बाद धीरे-धीरे दहेज को लेकर ताने दिए जाने लगे और अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू हो गई। पीड़िता का आरोप है कि पति अमनदीप सिंह, ससुर गुरनाम सिंह और सास संतोष देवी ने मिलकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। आए दिन दहेज कम लाने के ताने दिए जाते और बात-बात पर अपमान किया जाता। जब उसने विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट भी की गई।
महिला ने यह भी बताया कि शादी में मिला उसका सारा स्त्रीधन गहने और अन्य कीमती सामान अब भी सास के कब्जे में है। कई बार आग्रह करने के बावजूद उसका सामान वापस नहीं किया गया। पीड़िता के अनुसार, जब उसने स्त्रीधन लौटाने की मांग की तो उसे घर से निकालने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी गईं।
लगातार प्रताड़ना से तंग आकर विवाहिता ने महिला पुलिस थाना ऊना का रुख किया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पति, सास और ससुर के खिलाफ BNS की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की गहन जांच की जा रही है और सभी आरोपों की पुष्टि साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विदित रहे कि, यह मामला केवल एक महिला की पीड़ा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में आज भी मौजूद दहेज जैसी कुप्रथा पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। कानून के बावजूद दहेज के लिए विवाहिता को प्रताड़ित करने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।