#अपराध

April 16, 2026

हिमाचल: पंचायत में 32 लाख का घोटाला कर अंडरग्राउंड हुए JE और तकनीकी सहायक; पुलिस कर रही तलाश

इस घोटाले में प्रधान और सचिव को पुलिस कर चुकी है गिरफ्तार

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chamba panchyat scam

चंबा। हिमाचल प्रदेश में लोकतंत्र की सबसे छोटी इकाई पंचायत को भ्रष्टाचार के दीमक ने खोखला कर दिया है। चंबा जिला के चुराह विधानसभा क्षेत्र की चंडी पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर पंचायत में  32.80 लाख रुपये का बड़ा घोटाला हुआ। इस महाघोटाले ने पूरे प्रशासनिक अमले को हिला कर रख दिया है। जैसे.जैसे जांच में गड़बड़ियों की परतें खुल रही हैं, मामले में नामजद कनिष्ठ अभियंता और तकनीकी सहायक अचानक अंडरग्राउंड हो गए हैं।  पुलिस की विशेष टीमें इन भगोड़ों की तलाश में संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं।

जांच में सामने आई भारी अनियमितताएं

चुराह हलके की चंडी पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा प्रशासनिक जांच के दौरान हुआ। जांच में सामने आया कि कई कार्यों में या तो काम अधूरा था या फिर बिना कार्य किए ही भुगतान कर दिया गया। कुल मिलाकर करीब 32.80 लाख रुपये की राशि संदिग्ध पाई गई।

 

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कागजों में काम, धरातल पर कुछ नहीं

इस घोटाले की पटकथा पिछले 10 वर्षों के दौरान लिखी गई। प्रशासन को मिली शिकायतों के बाद जब एडीएम और उपायुक्त चंबा के निर्देश पर ऑडिट टीम गठित की गई, तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। जांच समिति ने पाया कि कागजों पर तो कूहलें बन गईं, नालियां चमकने लगीं और मोक्षधाम का निर्माण भी हो गया, लेकिन धरातल पर इन कार्यों का वजूद ही संदिग्ध था। विकास के नाम पर सरकारी खजाने से लाखों रुपये तो निकाल लिए गए, लेकिन काम के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई।

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आरोपी फरार, मोबाइल बंद

घोटाले की पुष्टि होते ही पुलिस ने कनिष्ठ अभियंता और तकनीकी सहायक के खिलाफ शिकंजा कस दिया है। हालांकि, गिरफ्तारी के डर से दोनों आरोपित फिलहाल पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपितों के मोबाइल फोन लगातार स्विच ऑफ आ रहे हैं। चंबा के एएसपी दिनेश कुमार ने पुष्टि की है कि आरोपितों की लोकेशन ट्रेस की जा रही है और उन्हें दबोचने के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया जा रहा है।

प्रधान और सचिव हो चुके हैं गिरफ्तार

इस घोटाले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तत्कालीन पंचायत प्रधान चंद्रपाल और पंचायत सचिव खेप सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई एसडीएम और उपायुक्त द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई थी। दोनों से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।

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पुलिस कर रही दोनों की तलाश

फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस अब विशेष टीम गठित करने की तैयारी में है। साथ ही मामले से जुड़े दस्तावेजों को कब्जे में लेकर जांच को और तेज किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एएसपी चंबा दिनेश कुमार के अनुसार फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उनकी मोबाइल लोकेशन ट्रेस की जा रही है और जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद है।  एएसपी चंबा ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के इस मामले में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। 

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जनता में आक्रोश

इस घोटाले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास के नाम पर हुए इस भ्रष्टाचार ने पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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