#अपराध
June 14, 2025
हिमाचल में खनन माफिया पर पुलिस का शिकंजा- रात भर चले नाके, कई वाहन किए जब्त
हरियाणा, उत्तराखंड से आने वाले 100-120 डंपरों की जांच
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सिरमौर/ऊना/। हिमाचल प्रदेश के तीन जिलों में पुलिस ने खनन माफिया के खिलाफ सख्त एक्शन लिया है। सिरमौर, ऊना और कांगड़ा में बड़ी संख्या में वाहनों को जब्त किया गया है। बता दें कि लंबे समय से परेशान स्थानीय लोग खनन माफिया के डर से चुप रहते हैं। अब पुलिस की इस कार्रवाई से जनता में उम्मीद जगी है कि खनन माफिया पर रोक लगेगी।
खनन माफिया पर पुलिस की ये कार्रवाई अचानक से नहीं हुई बल्कि ये एक प्लैन के चलते की गई। हिमाचल प्रदेश पुलिस के DGP अशोक तिवारी के निर्देशों के तहत सिरमौर, ऊना और नूरपूर के पुलिस अधीक्षकों को रात 10 बजे से सुबह 3 बजे तक खनन प्रभावित क्षेत्रों में नाके लगाने को कहा गया। इसके तहत:
जैसे कि हमने आपको पहले भी बताया कि अवैध खनन सिर्फ सरकार की आय पर असर नहीं डालता बल्कि ये नेचर से भी खिलवाड़ करता है। अवैध खनन करने के चलते नदियों के किनारों पर बड़े गड्ढे बन जाते हैं, कटाव की समस्या आती है। अपनी आंखों के सामने हो रहे अवैध खनन पर स्थानीय लोग चुप रहते हैं क्योंकि वे खनन माफिया से डरते हैं। लोगों को अपनी जान प्यारी है और उनका डर लाजमी है क्योंकि माफिया तो किसी को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं, वो तो पुलिस से भी नहीं डरते। हालांकि पुलिस की इस कार्रवाई ने लोगों में उम्मीद जगाई है।
पंजाब में खनन पर बैन के बाद माफिया ने हिमाचल की नदियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। इससे सिरमौर, ऊना और कांगड़ा जैसे सीमावर्ती जिलों पर ज्यादा असर पड़ा है। यहां पंजाब और हरियाणा से माफिया सक्रिय हैं। बता दें कि पुलिस ने जब्त वाहनों के खिलाफ माइंस एंड मिनरल्स एक्ट (Mines and Minerals Act) और भारतीय दंड संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की धाराओं के तहत मामले दर्ज किए हैं। DGP ने कहा कि अवैध खनन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति (Zero Tolerance Policy) अपनाई जाएगी।