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May 22, 2025

HP बोर्ड की "गलती": सदमे में विधवा मां- रिजल्ट से परेशान बेटी ने उठाया गलत कदम, रिचैकिंग में निकली पास

एक गलती ने तहस-नहस की गरीब परिवरा की दुनिया

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HP Bose 12th Class Result

कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की लापरवाही ने एक गरीब परिवार की जिंदगी तहस-नहस कर दी। जिला कांगड़ा के पाहड़ा क्षेत्र की मिड-डे मील वर्कर विधवा महिला की बेटी को 12वीं की परीक्षा में फेल बताया गया। इस सदमे को सहन न कर पाने पर छात्रा ने घर में रखी कोई जहरीली दवा निगल ली।

बचाने की कोशिश जारी

लड़की को पहले पालमपुर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां दो दिन तक इलाज चलने के बाद उसे हमीरपुर रेफर किया गया। हमीरपुर अस्पताल में एंडोस्कोपी की सुविधा न होने के चलते उसे अंततः टांडा मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां वह अब जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है।

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दोबारा चेकिंग में पास निकली

बताते चलें कि शिक्षा बोर्ड ने बाद में इंग्लिश का पेपर दोबारा जांचा और छात्रा को उत्तीर्ण घोषित कर दिया। बता दें कि बारहवीं के रिजल्ट घोषित करने में गलती हुई है। अंग्रेजी के पेपर में गड़बड़ी के बाद नया रिजल्ट निकाला गया है। जिसमें ये लड़की भी पास हुई है।

18 साल पहले पति की मौत

विधवा महिला 4000 रुपये की मामूली आमदनी में घर चला रही है। उसकी तीन बेटियां हैं, जिनमें से दो का पालन-पोषण रिश्तेदार करते हैं। अब वहीं, इन तीन बेटियों में से एक ने रिजल्ट से आहत होकर गलत कदम उठाया है।

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पुल से कूदकर दी जान

 

आपको बता दें कि हाल ही में ऐसा एक मामला हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से सामने आया था। जहां पढ़ाई के मानसिक दबाव के चलते एक 12वीं कक्षा की छात्रा ने आत्महत्या कर ली। न्यू शिमला थाना क्षेत्र के बडागांव के पास एक पुल से छलांग लगाकर युवती ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। यह घटना शनिवार 18 मई की है।

 

मजदूरी का काम करते हैं पिता

 

बताते चलें कि मृतका की पहचान दीक्षा निवासी गोरवा गांव, जिला सिरमौर के रूप में हुई है। वह अपने परिवार के साथ शिमला के पाटी गांव में किराए के मकान में रह रही थी और यहीं पढ़ाई कर रही थी। दीक्षा के पिता मजदूरी का काम करते हैं और सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने बेटी की पढ़ाई को प्राथमिकता दी थी। मगर 12वीं की परीक्षा में लगातार दूसरी बार असफल होने के बाद दीक्षा अवसाद में चली गई।

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