#अपराध
February 4, 2026
हिमाचल में अब गाड़ी की बड़ी लाइट जलाने पर कटेगा चालान! ड्राइवर का लाइसेंस भी होगा सस्पेंड
हाई बीम लाइट गलत इस्तेमाल पड़ेगा भारी
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शिमला। रात के समय गाड़ी चलाते हुए बहुत से लोग बिना सोचे-समझे तेज हाई बीम लाइट जला देते हैं। उन्हें लगता है कि इससे रास्ता साफ दिखेगा, लेकिन यही तेज रोशनी सामने से आने वाले ड्राइवर की आंखों को चौंधिया देती है और कुछ पलों के लिए उसे कुछ दिखाई नहीं देता। कई बार यही छोटी-सी लापरवाही बड़े सड़क हादसे की वजह बन जाती है। इसी खतरे को देखते हुए अब हाई बीम लाइट के गलत इस्तेमाल पर पुलिस सख्ती करने जा रही है।
बता दें कि सड़क दुर्घटनाओं में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए प्रदेश पुलिस ने मुख्यालय ने इस पर सख्ती करने का फैसला लिया है। अब प्रदेश में हाई बीम लाइट का दुरुपयोग डेंजरस ड्राइविंग की श्रेणी में माना जाएगा और ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान किया जाएगा। यह व्यवस्था चंडीगढ़ और दिल्ली जैसे बड़े शहरों में लागू नियमों के अनुसार प्रदेश में भी लागू की जा रही है।
पुलिस विभाग का कहना है कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में, जहां सड़कें संकरी और घुमावदार होती हैं, वहां हाई बीम का इस्तेमाल बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। सामने से आ रहे वाहन की तेज रोशनी चालक की आंखों पर पड़ते ही कुछ पल के लिए दिखना बंद हो जाता है।
इसी दौरान वाहन के नियंत्रण से बाहर होने और दुर्घटना होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। खासकर रात के समय हाई बीम लाइट का प्रयोग कई बार जानलेवा साबित हो चुका है। पुलिस के अनुसार हाई बीम के कारण सिर्फ वाहन चालक ही नहीं, बल्कि पैदल चलने वाले लोग, साइकिल सवार और दोपहिया वाहन चालक भी गंभीर खतरे में पड़ जाते हैं। कई मामलों में अचानक सामने आई तेज रोशनी से चालक घबरा जाता है, जिससे टक्कर या खाई में गिरने जैसी घटनाएं हो सकती हैं।
इन्हीं कारणों को ध्यान में रखते हुए पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने प्रदेश के सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि ट्रैफिक चेकिंग के दौरान हाई बीम के गलत इस्तेमाल पर विशेष नजर रखी जाए और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। पहाड़ी इलाकों में लो बीम को सुरक्षित विकल्प बताते हुए पुलिस ने सभी वाहन चालकों से नियमों का पालन करने की अपील की है।
मोटर व्हीकल एक्ट के तहत हाई बीम लाइट के गलत इस्तेमाल पर एक हजार से पांच हजार रुपये तक जुर्माना, ड्राइविंग लाइसेंस का निलंबन और बार-बार नियम तोड़ने की स्थिति में और भी सख्त सजा का प्रावधान है। पुलिस का कहना है कि यह कदम लोगों की जान बचाने के लिए उठाया गया है, न कि केवल चालान करने के लिए।
प्रदेश पुलिस DGP अशोक तिवारी ने कहा कि हाई बीम का गलत इस्तेमाल सीधे तौर पर डेंजरस ड्राइविंग की श्रेणी में आता है। इससे सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की जान को गंभीर खतरा होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब हिमाचल प्रदेश में ऐसे मामलों में मोटर व्हीककल एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस ने वाहन चालकों को सलाह दी है कि रात के समय वाहन चलाते हुए हाई बीम की जगह हमेशा लो बीम का इस्तेमाल करें। लो बीम से सड़क पर जरूरी रोशनी मिल जाती है और सामने से आने वाले वाहन के चालक को भी परेशानी नहीं होती। इससे सभी के लिए सफर सुरक्षित और आसान बनता है।
पुलिस ने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि ट्रैफिक नियमों का पालन कर ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। थोड़ी सी सावधानी न केवल आपकी बल्कि दूसरों की जान भी बचा सकती है।