#अपराध
December 15, 2025
हिमाचल: फॉरेस्ट गार्ड ने 50 हजार में बेचा इमान, मामला निपटाने को मांगी रिश्वत; रंगे हाथ धरा
विजिलेंस ने 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा फॉरेस्ट गार्ड
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सोलन। हिमाचल प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती के दावों के बीच रिश्वत के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। सरकारी काम के बदले पैसों की मांग अब भी कुछ अधिकारियों की आदत बनी हुई है। हालांकि विजिलेंस विभाग समय.समय पर ऐसे मामलों में कार्रवाई कर रहा है, बावजूद इसके रिश्वतखोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला जिला सोलन से सामने आया है, जहां विजिलेंस ने एक फॉरेस्ट गार्ड को रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया।
जिला सोलन के नालागढ़ क्षेत्र में तैनात एक फॉरेस्ट गार्ड को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई विजिलेंस थाना बद्दी की टीम ने की। आरोपी फॉरेस्ट गार्ड की पहचान मुकेश कुमार के रूप में हुई है, जो शिकायतकर्ता से एक मामले के निपटारे के बदले मोटी रकम की मांग कर रहा था।
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जानकारी के अनुसार फॉरेस्ट गार्ड ने एक व्यक्ति से उसकी शिकायत को रफा.दफा करने के लिए रिश्वत की मांग की थी। बातचीत के बाद 50 हजार रुपये में मामला सुलझाने की सहमति बनी। बार.बार पैसों की मांग से परेशान होकर पीड़ित ने विजिलेंस से संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत दर्ज करवाई।
शिकायत की पुष्टि के बाद डीएसपी विजिलेंस डॉ प्रतिभा चौहान के नेतृत्व में टीम ने पूरी योजना के साथ जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी ने नालागढ़ के पंजैहरा क्षेत्र में शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपये की रिश्वत ली, विजिलेंस टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
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विजिलेंस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। गिरफ्तार फॉरेस्ट गार्ड को मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा, जहां से पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी ताकि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा सके।
एसपी एसआईयू वीरेंद्र कालिया ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि विजिलेंस विभाग भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि जनता की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।