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August 30, 2026

हिमाचल के मंदिर में बवाल : पुजारी ने पहले कहे जातिसूचक शब्द, फिर डंडे से पी*टा, FIR दर्ज

मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयान जांचने की मांग

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himachal news

सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। नैनाटिक्कर के मेहली गांव में मंदिर के पुजारी पर एक व्यक्ति के साथ मारपीट करने और कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने के गंभीर आरोप लगे हैं।

काम के दौरान हुआ विवाद

शिकायतकर्ता बाला राम, जो मेहली गांव के रहने वाले हैं, ने पुलिस को बताया कि 29 अगस्त को जल शक्ति विभाग से जुड़े एक काम के दौरान मंदिर के पुजारी के साथ उनका विवाद हो गया था। उनका आरोप है कि इसी दौरान उनके साथ मारपीट की गई और जातिसूचक शब्द भी बोले गए। उन्होंने सिर पर डंडे से चोट मारने और धमकी देने का आरोप भी लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।

 

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पुलिस ने दर्ज किया मामला

बाला राम की शिकायत के आधार पर पच्छाद पुलिस थाना में FIR दर्ज कर ली गई है। अब पुलिस घटना से जुड़े सभी तथ्यों और सबूतों की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के समय वास्तव में क्या हुआ था।

दलित शोषण मुक्ति मंच ने की पुलिस कार्रवाई की तारीफ

मामले में FIR दर्ज होने के बाद दलित शोषण मुक्ति मंच ने पुलिस की कार्रवाई का स्वागत किया है। मंच के संयोजक आशीष कुमार ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और जल्द जांच करने की मांग की है।

 

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मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयान जांचने की मांग

मंच ने कहा है कि जांच के दौरान हर सबूत को ध्यान से देखा जाना चाहिए। इसमें मेडिकल रिपोर्ट, मौके पर मौजूद लोगों के बयान और घटनास्थल से जुड़ी जानकारी शामिल है। मंच का कहना है कि अगर जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो आरोपियों के खिलाफ SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम और अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।

शिकायतकर्ता और परिवार की सुरक्षा की मांग

दलित शोषण मुक्ति मंच ने शिकायतकर्ता बाला राम और उनके परिवार की सुरक्षा की भी मांग की है। मंच का कहना है कि FIR दर्ज होने के बाद परिवार पर किसी तरह का दबाव या धमकी नहीं होनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षा दी जानी चाहिए।

 

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जांच के बाद साफ होगी पूरी सच्चाई

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस की जांच और सामने आने वाले सबूतों के आधार पर ही यह साफ होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

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