#अपराध
July 6, 2025
हिमाचल में नकली दवा रैकेट का पर्दाफाश, उत्तराखंड तक फैला था नेटवर्क; तीन गिरफ्तार
थोक दवा विक्रेता के गोदाम में छापा मार पकड़ा नकली सक्रिय औषधीय घटक का जखीरा
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पांवटा साहिब (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश में आए दिन दवाओं के सैंपल फेल होने के बाद अब नकली दवाओं की आपूर्ति करने वाले बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। मामले का खुलासा हिमाचल दवा नियंत्रण प्रशासन और केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की संयुक्त कार्रवाई के बाद हुआ है। दोनों टीमों ने मिलकर एक संयुक्त छापेमारी में नकली सक्रिय दवाओं का बड़ा जखीरा पकड़ा है। इस मामले में चार लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है।
यह मामला हिमाचल के सिरमौर जिला के पांवटा साहिब से सामने आया है। यहां हिमाचल और केंद्रीय टीम ने मिलकर नकली दवाओं के कारोबार में लिप्त एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। दरअसल एक गुप्त सूचना के आधार पर दोनों टीमों ने मिलकर पांवटा साहिब बस स्टैंड के पास स्थित एक थोक दवा गोदाम में छापा मारा। इस गोदाम में अधिकारियों को भारी मात्रा में संदिग्ध नकली सक्रिय औषधीय घटक (APLs) मिले। जिसके बारे में दवा गोदाम का मालिक कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार छापा जिस परिसर पर मारा गया वह एक अधिकृत थोक दवा विक्रेता के नाम पर पंजीकृत था और उसके पास 25 दिसंबर 2028 तक वैध लाइसेंसधारी था। हालांकि निरीक्षण के दौरान वहां मौजूद दवाओं के स्रोत के संबंध में कोई वैध खरीद दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका। विशेष रूप से थायोकॉल्चीकोसाइड और एज़िथ्रोमाइसिन नामक दो प्रमुख एपीआई पाए गए, जिनके नकली होने का संदेह जताया जा रहा है।
गोदाम में मिली थायोकॉल्चीकोसाइड आम तौर पर मांसपेशियों की ऐंठन और सूजन के उपचार में प्रयुक्त होती है, जबकि एज़िथ्रोमाइसिन एक लोकप्रिय एंटीबायोटिक है, जिसे आम संक्रमणों के इलाज के लिए प्रयोग किया जाता है। लेकिन थोक दवा विक्रेता इन दोनों ही दवाओं के वैध खरीद दस्तावेज नहीं दिखा पाया।
इन दवाओं के वैध दस्तावेज ना मिलने पर जांच एजेंसियों ने थोक दवा विक्रेता को हिरासत में ले लिया है। मामले की जानकारी देते हुए डॉ. कपूर ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित लाइसेंसिंग अधिकारियों और औषधि निरीक्षकों को सख्त और त्वरित कानूनी कार्रवाई के आदेश दे दिए गए हैं।
दवा नियंत्रक डॉ मनीष कपूर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इन संदिग्ध APL की आपूर्ति पड़ोसी राज्य उत्तराखंड से की जा रही थी। इसी कड़ी में उत्तराखंड से दो अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। टीम इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है और जल्द ही और भी खुलासे होने की संभावना है।
डॉ. कपूर ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाले ऐसे आपराधिक तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा और इनके खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के अंतर्गत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।