#अपराध
July 19, 2026
हिमाचल पुलिस का बड़ा एक्शन : 5 राज्यों तक फैले ड्रग रैकेट का खेल खत्म, अड्डे से 7 गिरफ्तार
UP से लेकर राजस्थान तक पहुंचे जांच के तार
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला में पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। बैकवर्ड लिंकेज और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की गई जांच के बाद पुलिस ने हिमाचल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और चंडीगढ़ तक फैले नेटवर्क के मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला शिमला जिले के रोहड़ू थाना क्षेत्र का है। यहां बीते 15 मार्च 2026 को पुलिस गश्त के दौरान संदिग्ध हालत में मिले सार्थक सूद (29) के पास से 9 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था। उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
इसके बाद पुलिस ने उसके मोबाइल की कॉल डिटेल, व्हाट्सएप चैट, बैंक खाते और यूपीआई ट्रांजैक्शन की जांच की। जांच में पता चला कि यह मामला सिर्फ 9 ग्राम चिट्टे का नहीं, बल्कि एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।
जांच के दौरान पुलिस ने उत्तर प्रदेश से अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों से सामने आया कि वह राजस्थान के चूरू निवासी वासु उर्फ हर्ष सिंघानिया के साथ मिलकर चिट्टे की सप्लाई करता था। लगातार कार्रवाई करते हुए शिमला पुलिस ने 15 जुलाई को वासु उर्फ हर्ष सिंघानिया को चंडीगढ़ से भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जांच में पता चला कि 15 मार्च को बरामद हुए 9 ग्राम चिट्टे की सप्लाई के बदले वासु के बैंक खाते में 18 हजार रुपये जमा किए गए थे। इसके अलावा वित्तीय जांच में यह भी सामने आया कि सह-आरोपी अमित गुप्ता ने उसके खाते में करीब 3.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। पिछले छह महीनों में वासु के खाते में 14 लाख रुपये से ज्यादा जमा हुए, जबकि उसके पास कमाई का कोई वैध जरिया नहीं मिला। इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
दूसरा मामला कोटखाई थाना क्षेत्र का है। 3 जुलाई 2026 को हुल्ली इलाके में नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने एक गाड़ी से करीब 64 ग्राम चिट्टा बरामद किया। इस मामले में रक्षित चौहान, राहुल शर्मा और लवली शर्मा को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल में पता चला कि राहुल शर्मा ने यह चिट्टा मोहाली निवासी अमित महेव से खरीदा था।
पुलिस के मुताबिक अमित महेव लंबे समय से फरार था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और मोबाइल फोन भी बंद रखता था। शिमला पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी निगरानी, डिजिटल साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर उसका ठिकाना पता लगाया और 18 जुलाई 2026 को उसे मोहाली (पंजाब) से गिरफ्तार कर लिया।
शिमला पुलिस का कहना है कि उनका मकसद सिर्फ नशे की खेप पकड़ना नहीं, बल्कि पूरे ड्रग नेटवर्क को खत्म करना और इस धंधे से कमाई जा रही अवैध कमाई पर भी चोट करना है। इसी रणनीति के तहत पुलिस लगातार बैकवर्ड लिंकेज की जांच कर रही है, ताकि छोटे तस्करों के साथ-साथ बड़े सप्लायर भी कानून के शिकंजे में आएं।
पुलिस के मुताबिक वर्ष 2026 में अब तक बैकवर्ड लिंकेज की जांच के आधार पर 58 मुख्य सरगनाओं को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं 48 बड़े अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया गया है। पुलिस ने साफ किया है कि नशा तस्करों के खिलाफ यह अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा।