#अपराध
May 17, 2025
हिमाचल: विमल नेगी मामले में परिजनों के आरोपों पर SIT की मुहर, जांच में बड़ा खुलासा; जानें डिटेल
एसआईटी की जांच में खुलासा, विमल नेगी को किया जा रहा था प्रताड़ित
शेयर करें:

शिमला। हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी मौत मामले में नया खुलासा हुआ है। विमल नेगी मौत मामले की जांच कर रही एसआईटी ने अपनी जांच लगभग पूरी कर ली है और जल्द ही चार्जशीट बनाकर कोर्ट में दायर करेगी। एसआईटी की जांच में विमल नेगी की मौत पर उनके परिजनों द्वारा लगाए गए प्रताड़ना के आरोप कुछ हद तक सही पाए गए हैं।
विमल नेगी मौत मामले की जांच कर रही पुलिस की एसआईटी ने बड़े खुलासे किए हैं। बताया जा रहा है कि विमल नेगी के साथ उनके अधिकारियों का व्यवहार सही नहीं था। यानी उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। इस बात का खुलासा एसआईटी द्वारा जुटाए सबूतों और कार्यालय स्टाफ सहित अन्य लोगों से की गई पूछताछ में हुआ है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: HRTC बस से टकराया 26 वर्षीय स्कूटी सवार युवक, एक घर का बुझ गया चिराग
एसआईटी की जांच में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि विमल नेगी 2020 से डिप्रैशन में थे और नर्वस इलनेस का इलाज करवा रहे थे। इस सब के बीच उनके उच्च अधिकारियों का व्यवहार उनके प्रति ठीक नहीं था। विमल नेगी को काफी ज्यादा प्रताड़ित किया जा रहा था। विमल नेगी मौत मामले की चार्चशीट एसआईटी ने लगभग पूरी कर ली है।
एसआईटी हर छोटी से छोटी चीज और रिपोर्ट का अध्ययन कर रही है। ताकि जांच में कुछ भी छूट ना जाए। एसआईटी ने विमल नेगी के लैपटॉप, पैनड्राइव और डायरी के फोरैंसिक विश्लेषण के बाद आई रिपोर्ट का भी गहन अध्ययन किया है। माना जा रहा है कि एसआईटी ने लगभग चार्जशीट पूरी कर ली है और उसे जल्द ही कोर्ट में दायर करेंगे।
बता दें कि विमल नेगी 10 मार्च को शिमला से अचानक लापता हो गए थे। उसके बाद 18 मार्च को उनका शव बिलासपुर में गोबिंद सागर झील से बरामद किया गया था। विमल नेगी मौत पर उनकी पत्नी किरण नेगी ने ऊर्जा निगम के एमडी हरिकेश मीणा, निदेशक देसराज समेत अन्य उच्च अधिकारियों पर उनके पति विमल नेगी को प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए थे।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : स्कूटी पर चिट्टा सप्लाई करने निकले दो युवक धरे, ड्रग मनी भी की बरामद
इतना ही नहीं विमल नेगी के परिवार सहित भाजपा नेता इस मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग कर रहे हैं। बावजूद इसके प्रदेश की सुक्खू सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया था। वहीं दूसरे विकल्प के रूप में सरकार ने इस मामले की जांच का जिम्मा अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा को भी सौंपा था। ओंकार शर्मा ने अपनी जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। वहीं पुलिस की एसआईटी ने भी लगभग अपनी जांच पूरी कर ली है। एसआईटी जल्द ही चार्जशीट को कोर्ट में दायर करेगी।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : बीच सड़क पर पलटा 27 लोगों से भरा टेंपो, महिलाओं-बच्चों की चीखों से दहला इलाका
विमल नेगी के लापता होने के बाद से उनके मोबाइल पर संशय बना हुआ है। विमल नेगी का शव तो बरामद कर लिया गया था, लेकिन उनका मोबाइल नहीं मिला था। विमल नेगी के मामा ने बताया था कि उन्हें गुरुवार को हाईकोर्ट में हुई सुनवाई में पता चला था कि पुलिस को विमल नेगी का मोबाइल भी मिल गया है और उसे जांच के लिए एफएसएल भेजा गया है। विमल नेगी के मामला का कहना है कि इतनी महत्तवपूर्ण बात पुलिस ने विमल के परिवार को बतानी जरूरी नहीं समझी। विमल नेगी के मामा ने आशंका जताई है कि सरकार के दबाव में पुलिस साक्ष्यों को मिटाने व उनसे छेड़छाड़ कर सकती है।