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April 30, 2025

हिमाचल : पेखूवेला प्रोजेक्ट में छिपा है विमल नेगी केस का राज! SIT को दो SDO पर शक, फोन जब्त

एसआईटी के घेरे में एचपीपीसीएल के अधिकारी

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himachal news

शिमला। हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीपीसीएल) के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की रहस्यमयी मौत के मामले में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस गंभीर प्रकरण को हल करने के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अब दो एसडीओ स्तर के अधिकारियों से गहन पूछताछ की है। पूछताछ के बाद दोनों अधिकारियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं, ताकि उनकी डिजिटल गतिविधियों और बातचीत का विश्लेषण करके किसी अहम सुराग तक पहुंचा जा सके।

कनेक्शन जांच रही पुलिस

जानकारी के अनुसार, ये दोनों अधिकारी पहले पेखूबेला प्रोजेक्ट में तैनात रह चुके हैं, जहां पर विमल नेगी भी कार्यरत थे। कुछ समय पहले ही इन दोनों का तबादला अन्य परियोजनाओं में हुआ था।

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अब पुलिस की कोशिश है कि इन अधिकारियों की पृष्ठभूमि और उनके साथ इंजीनियर नेगी के संबंधों की गहराई से जांच की जाए।

यह मामला हुआ था दर्ज

गौरतलब है कि विमल नेगी कुछ समय तक लापता रहने के बाद बिलासपुर जिले के शाहतलाई क्षेत्र में गोबिंदसागर झील से मृत पाए गए थे। उनके परिजनों ने आरोप लगाया था कि नेगी को विभाग के वरिष्ठ अधिकारी लगातार मानसिक तौर पर प्रताड़ित कर रहे थे, जिससे वह गहरे तनाव में थे।

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इसी के आधार पर शिमला के न्यू शिमला पुलिस थाना में मामला दर्ज किया गया और एसआईटी का गठन किया गया।

कई अधिकारियों से की जा चुकी है पूछताछ

इससे पहले भी पुलिस पावर कॉरपोरेशन के करीब 13 अधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है। पूछताछ के दायरे में एचपीपीसीएल के पूर्व एमडी हरिकेश मीणा और निलंबित निदेशक देशराज भी आ चुके हैं। बिलासपुर में एसआईटी की एक अलग टीम भी जांच में जुटी हुई है जो क्षेत्रीय स्तर पर हर पहलू को खंगाल रही है।

मोबाइल फोन जांच पर टिकी नजरें

डायटम टेस्ट की रिपोर्ट, जो सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (CFSL) से प्राप्त हुई है उससे यह स्पष्ट हुआ है कि विमल नेगी की मौत पानी में डूबने से ही हुई है।

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हालांकि, यह अब भी स्पष्ट नहीं है कि यह दुर्घटना थी, आत्महत्या या फिर किसी गहरी साजिश का हिस्सा। फिलहाल, पुलिस की नजर अब मोबाइल फोन से मिलने वाली जानकारी पर टिकी है, जिससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि मामले में कई अहम परतें खुल सकती हैं।

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