#अपराध
March 16, 2025
बड़ी खबर: हमलावरों के मददगार 1 आरोपी का बंबर ठाकुर से था यह खास रिश्ता, मास्टरमाइंड की तलाश
साजिश की खुलती पर्तों में छिपे हैं कई सनसनीखेज राज
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मंडी। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर सदर के पूर्व विधायक बंबर ठाकुर पर हमले के मामले में पुलिस को असली मास्टरमाइंड की अभी भी तलाश है। लेकिन यह जरूर सामन आया है कि बंबर ठाकुर और पुलिस के हत्थे चढ़े तीनों आरोपी आपस में परिचित थे। एक आरोपी को तो बंबर निजी स्तर पर जानते थे और उनके ही कहने पर आरोपी ने पिछले दिनों बोलेरो गाड़ी खरीदी थी। हमले के आरोपियों ने भागने में उसी बोलेरो गाड़ी का इस्तेमाल किया था।
आरोपी का नाम रितेश है। बंबर ठाकुर ने रितेश की बोलेरो को फोरलेन कंपनी के पास लगवाने का वादा किया था। लेकिन निजी नंबर की यह गाड़ी कई माह घर पर खड़ी रही। बाद में रितेश के पिता ने यह गाड़ी किसी नजदीकी रिश्तेदार की सिफारिश से एक कंसल्टेंट कंपनी के पास लगाई थी। सवाल यह है कि उस बोलेरो को शुक्रवार को बंबर ठाकुर पर हमले के दिन बिलासपुर किसके कहने पर लाया गया था।
बिलासपुर से मंडी और फिर वापस क्यों
रितेश ने एक आरोपी को उसी बोलेरो से मंडी चौक तक छोड़ा और फिर अपने कमरे में आकर सो गया। फिर गुरुवार दोपहर बाद वह फिर बिलासपुर गया। रितेश का बिलासपुर आना और बंबर ठाकुर पर गोली चलने के पीछे के रिश्ते को पुलिस अब खंगालने की कोशिश में है।
हमलावरों को बचाने की पूरी कोशिश हुई
पुलिस ने हरियाणा के रोहतक में रहने वाले दोनों हमलावरों की मदद करने वाले तीनों आरोपियों- रोहित, रितेश और मंजीत नड्डा को गिरफ्तार कर उसने पूछताछ की है। इस पूछताछ में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। हमलावरों की गाड़ी को रोहित राणा ने अपनी गाड़ी से एस्कार्ट किया था। इसका मतलब यह है कि हमलावरों की सुरक्षा और बच निकलने के लिए पूरी योजना बनाई गई थी।
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हमलावरों के सिर पर किसका हाथ
जांच के दौरान पुलिस ने दो हमलावरों की पहचान कर ली है। इनकी पहचान अमन और सागर के रूप में हुई है, जो हरियाणा के रोहतक के रहने वाले हैं। दोनों पेशे से पहलवान हैं और पहले भी कई मामलों में संदिग्ध रह चुके हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर इन पहलवानों को इस हमले के लिए किसने तैयार किया और उन्हें कौन निर्देश दे रहा था।
दो अन्य हमलावरों की अभी पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस की जांच का फोकस इस बात पर है कि हमलावरों को गाड़ी किसके कहने पर दी गई थी और इस हमले की असली वजह क्या थी।