#अपराध

May 22, 2025

हिमाचल सचिवालय में तैनात सुरक्षा कर्मी को कांग्रेस नेता ने जड़ा थप्पड़, बोला- तू रोकने वाला है कौन

सुरक्षाकर्मी को मारा थप्पड़, मुंह से निकला खून

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secretariat clash

शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में स्थित राज्य सचिवालय के मुख्य द्वार पर बुधवार सुबह 10:30 बजे जो कुछ हुआ, उसने सत्ता और कानून के रिश्ते को कठघरे में ला खड़ा किया। शिमला जिले के चौपाल क्षेत्र से जुड़े एक कांग्रेस नेता ने पास न होने पर रोके जाने पर ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मी को थप्पड़ जड़ दिया और बाद में हाथापाई तक उतर आया।

चेहरे पर मुक्का मारा

बता दें कि एंट्री के नाम पर ये बहस शुरू हुई। जिसमें कांग्रेस नेता ने जवान पर रौब जमाय। गेट पर मौजूद जवान के चेहरे पर मुक्का मारने से उसके मुंह से खून तक निकल आया। जिसके बाद माहौल काफी समय तक गरमाया रहा। 

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“तू रोकने वाला कौन? मेरी सरकार है”

सूत्रों के अनुसार, जब नेता को बिना पास अंदर जाने से रोका गया, तो उसने रौब झाड़ते हुए कहा, “तू रोकने वाला है कौन? मेरी सरकार है, मेरी मर्जी चलेगी।” जब सुरक्षाकर्मी ने नियमों की बात की, तो नेता बिफर पड़ा और हाथ उठा दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थिति इतनी बिगड़ गई कि सुरक्षाकर्मी का मुंह लहूलुहान हो गया और आसपास अफरा-तफरी मच गई।

मौके पर पहुंची पुलिस

घटना के तुरंत बाद थाना छोटा शिमला की पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले गई। बाद में कहा गया कि दोनों के बीच आपसी समझौता हो गया है। किसी तरह की FIR दर्ज नहीं की गई और न ही किसी का नाम सार्वजनिक किया गया है।

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सीएम से मिले सुरक्षा कर्मी

सूत्र बताते हैं कि घटना के बाद सचिवालय के अन्य सुरक्षा कर्मी मुख्यमंत्री से भी मिले और पूरी स्थिति से अवगत कराया। सीएम सुखविंदर सुक्खू ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी नेता हो, उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।

सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल

इस घटना से ठीक एक महीने पहले, 17 अप्रैल को सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। इसके बाद सुरक्षा को और कड़ा किया गया था। लेकिन फिर भी कोई नेता बिना पास सचिवालय तक पहुंचकर सुरक्षाकर्मी पर हमला कर देता है यह पूरे सिस्टम की गंभीर असफलता को दर्शाता है। सचिवालय की सुरक्षा GAD सचिव के अधीन आती है, ऐसे में उनकी भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

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बिना पास एंट्री मना

सचिवालय में प्रवेश के लिए पास अनिवार्य है। यह नियम इसलिए है ताकि सुरक्षा से कोई समझौता न हो। अगर किसी VIP के नाम पर छूट दी जाती है और वह भी हिंसा करे, तो गेट प्रभारी और पूरी सुरक्षा व्यवस्था किसके भरोसे चलेगी?

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