#अपराध
July 27, 2025
चैन की नींद सोया था परिवार, घर से गायब हो गई 17 वर्षीय बेटी- छत्तीसगढ़ पुलिस ने हिमाचल से किया रेस्क्यू
शादी का झांसा देकर 17 वर्षीय किशोरी को ले गया था योल गांव
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में छत्तीसगढ़ की एक नाबालिग किशोरी को शादी का झांसा देकर लाया गया था। योल गांव में रह रहे युवक को जशपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और किशोरी को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। बता दें कि यह कार्रवाई ऑपरेशन मुस्कान के तहत की गई, जो गुमशुदा बच्चों की खोज के लिए चलाया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ की जशपुर पुलिस ने बीते एक सप्ताह में छह लापता नाबालिग लड़कियों को ढूंढकर उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया है। इन मामलों में दो लड़कियों को हिमाचल प्रदेश और दिल्ली से बरामद किया गया है। इनमें से एक 17 वर्षीय किशोरी को हिमाचल के कांगड़ा जिले के योल गांव से रेस्क्यू किया गया।
6 अगस्त 2024 को जशपुर जिले के सिटी कोतवाली क्षेत्र में एक परिवार ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उनकी बेटी रात करीब 1 बजे घर से गायब हो गई। दरवाजे की कुंडी खुली मिली थी। पुलिस ने धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में तकनीकी साक्ष्य और परिवार से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को पता चला कि किशोरी हिमाचल प्रदेश के योल गांव में है। जिसकी पहचान 27 वर्षीय युवक राजेश राम यादव के तौर पर की गई है। पुलिस टीम वहां पहुंची और आरोपी राजेश राम यादव के कब्जे से लड़की को बरामद किया। पूछताछ में पता चला कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर किशोरी को भगाया था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 64(2), 87, 96 और पॉक्सो एक्ट की धाराएं 4 और 6 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
दूसरे मामले में, चौकी दोकड़ा क्षेत्र के एक व्यक्ति ने 2 जुलाई को अपनी 16 वर्षीय बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। परिजनों को शक था कि वह काम की तलाश में दिल्ली गई है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि लड़की दिल्ली के निर्मल छाया चिल्ड्रन होम में है। दस्तावेजी पुष्टि के बाद पुलिस टीम उसे जशपुर वापस लाई। पूछताछ में लड़की ने बताया कि वह खुद बिना बताए दिल्ली चली गई थी और भटकने पर चाइल्ड होम ने उसे संरक्षण में लिया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि जिले में ऑपरेशन मुस्कान अभियान प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। इसके तहत राज्य के भीतर और बाहर गुमशुदा बच्चों की तलाश की जा रही है। दिल्ली और हिमाचल से दस्तयाब की गई दो नाबालिग बालिकाओं सहित कुल 6 बच्चियों को एक सप्ताह के भीतर तलाश लिया गया है।