#अपराध
February 10, 2025
हिमाचल: निशाने पर था बंदर, सामने आ गई लड़की- हेड कॉन्स्टेबल पर केस दर्ज
वर्दी पर दाग लगा तो आरोपी पुलिसकर्मी को बचाने में जुटी पुलिस, अब केस दर्ज
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मंडी। हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी स्थित सरकाघाट में एक युवती 28 जनवरी को गोली लगने से घायल हो गई थी। हालांकि पहले ये बताया गया कि गोली गलती से चली थी, जिसके कारण युवती घायल हुई। मगर इस मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है।
युवती प्रमिला के माता-पिता ने अब चर्चित पुलिस हेड कांस्टेबल मनोज ठाकुर के खिलाफ गोली चलाने का आरोप लगाते हुए सरकाघाट थाने में शिकायत दी है। इसके बाद, मनोज ठाकुर के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। बता दें कि ये वही मनोज ठाकुर है जो अपनी कविता से पूरे देश में महशूह हुए थे और सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहते हैँ।
बताया जा रहा है कि 28 जनवरी को खठोगण गांव में घटी थी, जब युवती प्रमिला गोली लगने से घायल हो गई थी। गोली लगने के बाद, उसे तुरंत रिवालसर अस्पताल में भर्ती किया गया था और बाद में गंभीर हालत के कारण उसे नेरचोक मेडिकल कॉलेज से पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। गोली युवती के दिल के पास लगी थी, और उसका इलाज अभी भी PGI चंडीगढ़ में जारी है।
पहले मामले में यह जानकारी सामने आई थी कि बंदरों को भगाने के लिए एयर गन से गोली चलाई गई थी, जिससे युवती को छर्रे लगने से चोट आई थी। लेकिन अब युवती के माता-पिता ने सीधे तौर पर हेड कांस्टेबल मनोज ठाकुर पर गोली चलाकर युवती को घायल करने का आरोप लगाया है। इस पर पुलिस अब जांच कर रही है कि गोली एयर गन से चली थी या किसी पिस्टल से।
पीड़िता और आरोपी हेड कांस्टेबल मनोज ठाकुर दोनों ही एक ही गांव के निवासी और पड़ोसी हैं। अब, युवती के माता-पिता की शिकायत पर मनोज ठाकुर के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इस मामले की छानबीन जारी है। डीएसपी सरकाघाट संजीव गौतम ने बताया कि शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है और मामले की गहन जांच की जा रही है।
अब जब आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज हो गया है, तो हेड कांस्टेबल मनोज ठाकुर के लिए स्थिति गंभीर हो सकती है। पुलिस मामले की पूरी जांच करेगी, जिसमें यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि गोली किस हथियार से चलाई गई थी और इसके पीछे की सच्चाई क्या है।
मनोज ठाकुर ने नकारे आरोप, कहा- मैंने तो उल्टा मदद की
मनोज ठाकुर ने खठोगण गांव में गोली लगने से घायल हुई युवती प्रमिला के मामले में लगाए गए आरोपों को नकारा है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जो आरोप मुझ पर लगाए जा रहे हैं, वे गलत और बेबुनियाद हैं। मनोज ठाकुर का कहना था कि मुझे समझ नहीं आ रहा कि परिवार के लोग किसके दबाव में इस तरह के आरोप लगा रहे हैं। जब यह घटना घटी, तब मैं घर पर ही था। धमाके की आवाज सुनकर मैं बाहर निकला और पता चला कि प्रमिला घायल हो गई है।
उन्होंने बताया कि उन्होंने तुरंत अपनी गाड़ी निकाली और प्रमिला को उसके परिजनों सहित रिवालसर अस्पताल ले गए, जहां से उसे नेरचोक मेडिकल कॉलेज और फिर पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। मनोज ठाकुर ने यह भी बताया कि प्रमिला उनके रिश्तेदार हैं और उनका घर पास ही है।