#अपराध

June 20, 2026

हिमाचल: 14 साल का स्कूली छात्र सड़क पर दौड़ा रहा था स्कूटी, पुलिस ने थमा दिया 7 हजार का चालान

पुलिस के भारी भरकम चालान ने नाबालिग वाहन चालकों को दी बड़ी नसीहत

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Manali Traffic Police

कुल्लू। हिमाचल प्रदेश की सड़कों पर कई बार स्कूली छात्र बिना ड्राइविंग लाइसेंस के दोपहिया वाहन चलाते नजर आते हैं। इनमें से कई छात्र न तो हेल्मेट पहनते हैं और न ही यातायात नियमों का पालन करते हैं। ऐसे में हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। अब पुलिस ने इस प्रवृत्ति पर सख्ती दिखानी शुरू कर दी है और नाबालिग वाहन चालकों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है।

 

इसी कड़ी में पर्यटन नगरी मनाली में पुलिस की एक कार्रवाई ने न केवल नाबालिग चालकों बल्कि उनके अभिभावकों को भी बड़ा संदेश दिया है। पुलिस ने स्कूल यूनिफॉर्म पहनकर स्कूटी चला रहे 14 वर्षीय छात्र को पकड़कर उसके वाहन का भारी-भरकम चालान कर दिया।

स्कूल जाते समय पुलिस के हत्थे चढ़ा छात्र

जानकारी के अनुसार मनाली क्षेत्र में पुलिस की टीम नियमित यातायात जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस की नजर एक स्कूटी सवार किशोर पर पड़ी। जब वाहन को रोका गया तो पता चला कि चालक महज 14 वर्ष का छात्र है। हैरानी की बात यह रही कि छात्र स्कूल यूनिफॉर्म में था और बिना हेल्मेट पहने सड़क पर स्कूटी चला रहा था। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर ही उसकी उम्र और दस्तावेजों की जांच की, जिसके बाद नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई।

 

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नियमों की अनदेखी पड़ी महंगी

पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए स्कूटी का 7 हजार रुपये का चालान कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में वाहन मालिकों और अभिभावकों की जिम्मेदारी भी तय होती है। पुलिस का मानना है कि यदि समय रहते इस तरह की गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में गंभीर सड़क हादसों की आशंका बढ़ सकती है।

पर्यटन नगरी में बढ़ रही थी चिंता

मनाली जैसे व्यस्त पर्यटन क्षेत्र में वाहनों की संख्या पहले ही काफी अधिक रहती है। ऐसे में कम उम्र के बच्चों का बिना लाइसेंस और सुरक्षा उपकरणों के वाहन चलाना न केवल उनकी जान के लिए खतरा है बल्कि अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए भी जोखिम पैदा करता है। पुलिस को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कई नाबालिग छात्र स्कूल आने-जाने के लिए दोपहिया वाहन चला रहे हैं। इसी के चलते निगरानी और जांच अभियान को और सख्त किया गया है।

 

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अभिभावकों को भी दी गई सख्त चेतावनी

घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने अभिभावकों को भी स्पष्ट संदेश दिया है कि बच्चों के हाथों में कम उम्र में वाहन की चाबी देना गंभीर लापरवाही है। अधिकारियों का कहना है कि कई बार माता-पिता स्वयं बच्चों को वाहन उपलब्ध करा देते हैं, जबकि उन्हें पता होता है कि बच्चे के पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस है और न ही पर्याप्त अनुभव। पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को तब तक वाहन न चलाने दें, जब तक वे कानूनी रूप से इसके लिए पात्र न हो जाएं।

 

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सड़क सुरक्षा को लेकर चलेगा अभियान

पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में नाबालिग वाहन चालकों के खिलाफ विशेष अभियान जारी रहेगा। स्कूलों के आसपास, मुख्य बाजारों और प्रमुख सड़कों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी ताकि ऐसे मामलों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और सड़क हादसों को रोकना है। मनाली में हुई यह कार्रवाई उन सभी अभिभावकों और स्कूली छात्रों के लिए एक बड़ी नसीहत मानी जा रही है, जो अभी भी यातायात नियमों को हल्के में लेते हैं।

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