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December 27, 2025

हिमाचल: फर्जी दस्तावेज से युवक बन गया सरकारी डॉक्टर, हुआ अरेस्ट; 14 और पर गिरेगी गाज !

3 और युवकों पर केस दर्ज

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Job Scam

मंडी। सरकारी नौकरी पाना हर युवा का सपना होता है। इसके लिए लाखों युवा सालों तक कड़ी मेहनत करते हैं, पढ़ाई करते हैं और डिग्रियां हासिल करते हैं। लेकिन कुछ लोग मेहनत के बजाय गलत रास्ता अपनाकर नकली दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरी हासिल कर लेते हैं। ऐसा ही एक गंभीर मामला जिला मंडी से सामने आया है, जहां एक युवक ने फर्जी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) का प्रमाणपत्र बनवाकर आयुर्वेद विभाग में सरकारी नौकरी प्राप्त कर ली। टीम ने युवक को अरेस्ट कर लिया है, साथ ही 3 और युवकों पर केस दर्ज कर लिया है।  

श्वेता शर्मा ने की शिकायत 

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह मामला मंडी जिले के सरकाघाट क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। पूरे प्रकरण का खुलासा तब हुआ, जब कांगड़ा जिले के बैजनाथ निवासी श्वेता शर्मा ने इस संबंध में शिकायत दर्ज करवाई। उनकी शिकायत 28 अप्रैल को विजिलेंस कार्यालय धर्मशाला और 30 अप्रैल को विजिलेंस मंडी कार्यालय में प्राप्त हुई थी।

 

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शुक्रवार को अदालत ने आरोपी को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। विजिलेंस की कार्रवाई के बाद मंडी जिले के तीन अन्य आयुर्वेदिक डॉक्टरों की गिरफ्तारी की भी आशंका जताई जा रही है।

फर्जी प्रमाण पत्र से की नौकरी हासिल 

शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस विभाग ने भर्ती प्रक्रिया की गहन जांच शुरू की। जांच के दौरान कुल 115 आयुर्वेदिक डॉक्टरों की भर्ती की पड़ताल की गई, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। विजिलेंस जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।

 

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जांच में पता चला कि डॉ. विवेक शर्मा समेत 14 आयुर्वेदिक डॉक्टरों ने वर्ष 2022 में EWS के फर्जी प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल कर बैचवाइज भर्ती के तहत सरकारी नौकरी हासिल की थी। बाद में इनमें से कुछ डॉक्टरों ने नौकरी छोड़ दी, लेकिन फर्जीवाड़े का मामला विजिलेंस की जांच के दायरे में आ गया।

फर्जी आयुर्वेदिक डॉक्टर गिरफ्तार

जांच में यह भी सामने आया कि कुछ आरोपी पहले से ही दूसरी नौकरियों में काम कर रहे थे, फिर भी उन्होंने खुद को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग बताकर भर्ती का फायदा उठाया। इसके बाद राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (CVC) ने सरकाघाट निवासी आयुर्वेदिक डॉक्टर विवेक शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। 

 

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3 और युवकों पर केस दर्ज

विजिलेंस ने मंडी, धर्मशाला, हमीरपुर और बिलासपुर जिलों में आरोपित डॉक्टरों के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। मंडी जिले में डॉ. विनोद कुमार, डॉ. पुष्पराज, डॉ. भारतेंदु कुमार और डॉ. विवेक शर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

टीम कर रही आगामी कार्रवाई

विजिलेंस का कहना है कि टीम मामले की गहन जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। इसके अलावा अन्य विभागों में हुई भर्तियों में भी EWS के फर्जी प्रमाणपत्रों को लेकर शिकायतें विजिलेंस के पास पहुंची हैं।

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