#अपराध
August 14, 2026
चंबा केस: दादा बोला- पोते को रावी में फेंका, पूरी उम्र जेल में सड़ेगा ऐसा कपूत; नहीं करवाऊंगा जमानत
बच्चे की तलाश अभी भी सबसे बड़ी चुनौती
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चंबा। छह साल के मासूम को रावी नदी में फेंकने के आरोपी पिता की गिरफ्तारी के बाद परिवार के भीतर का दर्द और गुस्सा सामने आया है। आरोपी के पिता 57 वर्षीय जयपाल ने बेटे की कथित करतूत पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर उन्हें बंदूक दे दी जाए तो वह अपने हाथों से बेटे को गोली मार देंगे। उन्होंने कहा कि जिस मासूम पोते की आवाज से घर गूंजता था, उसके लापता होने के बाद पूरा घर सूना हो गया है।
जयपाल का कहना है कि बेटे और बहू के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद का सबसे बड़ा खामियाजा छह वर्षीय बच्चे को भुगतना पड़ा। हालांकि, बच्चे के साथ वास्तव में क्या हुआ, इसकी अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और तलाश अभियान के बाद ही हो सकेगी।
भावुक होकर जयपाल ने कहा कि पोते के चले जाने के बाद घर में ऐसा सन्नाटा है जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। वह अपने पोते की आवाज सुनने के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि उनके बेटे ने ही बच्चे को रावी नदी में धक्का दिया होगा। इसी कथित घटना को लेकर वह अपने बेटे से बेहद नाराज हैं। जयपाल ने कहा कि वह आरोपी बेटे की जमानत करवाने के पक्ष में नहीं हैं और भविष्य में भी उसकी जमानत नहीं करवाएंगे।
जयपाल ने परिवार में लंबे समय से चले आ रहे विवाद को लेकर अपनी बहू पर भी कई आरोप लगाए। उनका कहना है कि घर में अक्सर विवाद की स्थिति बनती थी। उन्होंने दावा किया कि बहू बच्चे को पढ़ाते समय उसकी पिटाई करती थी और जब दादा-दादी उसे रोकते थे तो विवाद बढ़ जाता था। जयपाल के अनुसार, बहू का अपनी सास के साथ भी कई बार विवाद हुआ। हालांकि, ये आरोप आरोपी के पिता की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
पुलिस जांच में इन दावों की सत्यता भी महत्वपूर्ण होगी। जयपाल के अनुसार, 17 जुलाई को बहू ने मायके जाने की इच्छा जताई थी। पति ने कथित तौर पर आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए कुछ समय बाद जाने की बात कही। इसके बाद विवाद बढ़ गया और महिला ने अपने मायके के लोगों को बुला लिया। सुबह महिला की मां, भाई और अन्य लोग घर पहुंचे। जयपाल ने आरोप लगाया कि इस दौरान कथित तौर पर धक्का-मुक्की हुई। विवाद के बीच उनकी पत्नी की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें एंबुलेंस से उपचार के लिए भेजा गया।
जयपाल ने बताया कि परिवार की ओर से विवाद को घर में ही सुलझाने की कोशिश की गई थी। बाद में सहमति बनी और बहू छोटे बच्चे को अपने साथ लेकर चली गई। उनके मुताबिक, आरोपी बेटा छोटे बच्चे से अलग होने के कारण परेशान था। उसने पत्नी से फोन पर बच्चे के बिना मन नहीं लगने की बात कही थी। जयपाल का दावा है कि बेटे ने फोन पर बच्चे को लेकर नदी में छलांग लगाने जैसी बात भी कही थी।
इसके बाद उसका फोन बंद हो गया। जयपाल के अनुसार, 19 और 20 जुलाई के आसपास उनके बेटे ने उन्हें बताया था कि अमृतसर में उसके साथ मारपीट की गई और पुलिस के मामले में फंसाने की धमकी दी गई। पिता का दावा है कि इन घटनाओं के बाद उनका बेटा मानसिक रूप से परेशान रहने लगा था और नियमित रूप से घर नहीं आ रहा था। परिवार अब पुलिस के सामने सामने आए प्रत्येक तथ्य की जांच की उम्मीद कर रहा है।
मामले में सबसे बड़ा सवाल अभी भी छह वर्षीय बच्चे के बारे में है। पुलिस और बचाव दल रावी नदी में बच्चे की तलाश कर रहे हैं। नदी का तेज बहाव और बढ़ा हुआ जलस्तर सर्च ऑपरेशन को मुश्किल बना रहा है। पुलिस आरोपी पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। उसके बयानों, कॉल डिटेल, घटनास्थल और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। आरोपी के कमरे से बरामद डायरी की जानकारी भी जांच में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।