#अपराध
July 24, 2025
हिमाचल: तेल के टैंकर में ठूंस-ठूंस कर भरी थी गायें, पशु तस्करी के बड़े रैकेट का पर्दाफाश
पंजाब से लद्दाख जा रहा था टैंकर, एक गाय के निकल गए थे प्राण
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में पशु तस्करी से जुड़ा एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने कानून व्यवस्था और पशु कल्याण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बड़ी बात यह है कि शातिरों ने इस तस्करी को अंजाम देने के लिए बेहद ही क्रूर रास्ता अपनाया था। शातिरों ने एक तेल के टैंकर गउओं को भरा हुआ था। स्वारघाट क्षेत्र में पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने गऊओं की इस अवैध तस्करी का भंडाफोड़ किया। जांच के दौरान टैंकर के भीतर से नौ गायें बरामद की गईं, जिनमें से एक की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
घटना तब सामने आई जब पंजाब से आ रहे एक संदिग्ध तेल टैंकर को स्वारघाट के कैंची मोड़ पर जांच के लिए रोका गया। प्रारंभिक पूछताछ में चालक की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर अधिकारियों ने जब टैंकर को खोलने का निर्देश दिया, तो अंदर का दृश्य देखकर सब चौंक गए। टैंकर के भीतर नौ गायें ठूंसी हुई हालत में पाई गईं।
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दुखद रूप से तस्करी के दौरान अमानवीय परिस्थितियों में रखे जाने के कारण एक गाय की मौत हो चुकी थी। शेष आठ गायों को तुरंत राहत पहुंचाते हुए टैंकर को जगातखाना थाना क्षेत्र स्थित गौशाला में ले जाया गया, जहां उन्हें आवश्यक देखरेख उपलब्ध कराई गई। पुलिस ने टैंकर चालक को मौके से ही हिरासत में ले लिया और पशु क्रूरता अधिनियम समेत कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह टैंकर लद्दाख की ओर जा रहा था। अधिकारियों को आशंका है कि इन गायों को अवैध रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में ले जाकर बेचने या उपयोग करने की योजना थी। इस पूरे नेटवर्क के पीछे एक संगठित तस्करी रैकेट की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
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इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए नैना देवी विधानसभा क्षेत्र के विधायक रणधीर शर्मा ने इसे "घिनौना और अमानवीय अपराध" करार दिया। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस मामले में शामिल सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। उन्होंने कहा, "ऐसे अपराध समाज के ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करते हैं और इसके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाना जरूरी है। केवल चालक नहीं, बल्कि इस पूरे गिरोह को जेल के पीछे भेजा जाना चाहिए।"
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फिलहाल पुलिस ने पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या यह तस्करी एक बार की घटना थी या इसके पीछे कोई बड़ा और सक्रिय गिरोह है। टैंकर के मालिकए रूट प्लानिंग, और संभावित खरीदारों को लेकर भी पूछताछ की जा रही है। यह मामला न सिर्फ कानून व्यवस्था की सतर्कता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दिखाता है कि पशु तस्करी जैसे गंभीर अपराध किस तरह छिपकर चल रहे हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस प्रकरण में कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है।