#अपराध
December 21, 2025
हिमाचल : सेब कारोबारी की कमाई ले उड़ा बंगाली, लगाया 45 लाख का चूना- जानें मामला
1 करोड़ 18 लाख के ख़रीदे थे सेब
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में सेब बागवानी आर्थिकी की रीढ़ मानी जाती है। मगर कई बार इसमें बागवान ठगी का भी शिकार हो जाते हैं। ऐसा ही एक मामला राजधानी शिमला से सामने आया है, जहां सेब खरीद के नाम पर एक कारोबारी से लाखों रुपये की धोखाधड़ी हुई है।
एपीएमसी सब्जी मंडी ढली में स्थित मैसर्ज विकास फ्रूट कंपनी के संचालक विकास शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2024 के सेब सीजन के दौरान पवन कुमार उर्फ पबन कुमार उर्फ मिथुन, निवासी गांव घुघुरमल, पोस्ट ऑफिस हटखोला, शाहपुर, नॉर्थ दिनाजपुर, पश्चिम बंगाल, उनके संपर्क में आया था। आरोपी उस समय न्यू शिमला के सेक्टर-1 क्षेत्र में रह रहा था।
शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी ने सेब सीजन के दौरान विकास फ्रूट कंपनी से कुल 1 करोड़ 18 लाख 25 हजार 310 रुपये मूल्य के सेब खरीदे। इसके एवज में आरोपी ने पंजाब नेशनल बैंक की संजौली शाखा में फर्म के नाम से खोले गए खाते में 73 लाख 71 हजार 316 रुपये का भुगतान तो कर दिया, लेकिन शेष 44 लाख 53 हजार 994 रुपये का भुगतान आज तक नहीं किया गया। इस कारण आढ़ती को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
एसपी संजीव गांधी ने बताया कि, ढली थाना पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 और 351(3) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस द्वारा लेनदेन से संबंधित बैंक खातों के दस्तावेज और कारोबारी रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है। साथ ही आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
यह मामला कोई पहला नहीं है। प्रदेश में हर साल सेब सीजन के दौरान बागवानों और आढ़तियों के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले सामने आते हैं। ज्यादातर मामलों में दूसरे राज्यों से आने वाले लदानी सेब खरीदने के बाद भुगतान किए बिना फरार हो जाते हैं। बीते नवंबर महीने में रोहड़ू थाना क्षेत्र में भी आढ़तियों ने लगभग 60 लाख रुपये का भुगतान न मिलने की शिकायत दर्ज करवाई थी।
यह सेब महाराष्ट्र भेजा गया था, लेकिन उसकी राशि अब तक आढ़तियों को नहीं मिल पाई। इसी तरह शिलारू फल मंडी में बंगलुरू के लदानी पर 3.40 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोप लग चुके हैं। वहीं, एक अन्य मामले में शिलारू मंडी में 1.70 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत भी दर्ज है।