#अपराध
December 9, 2025
हिमाचल एयरफोर्स भर्ती कांड- दिल्ली में हेड ऑफिस के बाहर रचा ड्रामा, नकली लेटर देकर लूटे युवा
दिल्ली ले जाकर रचा गया ड्रामा
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हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश में एयरफोर्स में नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में गिरफ्तार दंपति ने पूछताछ में ऐसे चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिन्होंने सभी के होश उड़ा दिए हैं। खुलासे में पता चला कि कैसे आरोपी बेरोजगार युवाओं को भरोसा दिलाकर अपने जाल में फंसाते थे और उनसे लाखों रुपये ठग लेते थे।
मामला बीते 17 नवंबर हमीरपुर जिले से सामने आया, जब एक पीड़ित परिवार ने इसके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत दर्ज होने के बाद स्टेट CID क्राइम ने कार्रवाई करते हुए तीन साल से चल रहे इस फर्जी नेटवर्क का खुलासा किया है। टीम ने बताया कि यह केस वर्ष 2022 का है। जब तीन युवकों को एयरफोर्स में भर्ती दिलाने का वादा कर 11.50 लाख रुपये ऐंठे गए।
जांच में सामने आया कि ठगी करने के बाद आरोपी दंपति तीनों युवाओं को दिल्ली में एयरफोर्स मुख्यालय के पास लेकर गया। वहां उन्हें बाहर एक पार्क में बैठाए रखा और नकली दस्तावेज़ भरवाए, ताकि उन्हें भरोसा हो जाए कि उनकी भर्ती पक्की है। इसके बाद युवाओं को यह कहकर वापस भेज दिया गया कि आगे की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, जबकि हकीकत यह थी कि भर्ती से जुड़ा कोई भी कदम कभी उठाया ही नहीं गया।
पुलिस की जांच में यह भी उजागर हुआ कि आरोपी बार-बार युवकों और उनके परिवारों को फर्जी इंटरव्यू कॉल लेटर भेजता रहा। जब भी वे भर्ती की तारीख के बारे में पूछते, वह अंतिम समय पर बहाना बनाकर कह देता कि भर्ती फिलहाल रद्द कर दी गई है। इसी तरह वह लंबे समय तक उन्हें धोखे में रखता और समय बिताता रहा।
विजय कुमार ने शिकायत में CID टीम को बताया कि इस धोखाधड़ी की शुरुआत तब हुई, जब उनकी भांजी उषा देवी से फोन पर आरोपी की पत्नी वर्षा देवी ने संपर्क किया और दावा किया कि उनका पति पंकज युवा उम्मीदवारों को एयरफोर्स भर्ती में चयनित करवाता है। इसके बाद विश्वास में आकर विजय ने पंकज से बात की।
इसके बाद आरोपी पंकज ने विजय से कहा कि वह उनके दोनों बेटों, सचिन कुमार और नितिन कुमार, को भर्ती करवा देगा, लेकिन इसके लिए 8 लाख रुपये देने होंगे। भरोसा कर विजय ने पंजाब नेशनल बैंक खाते में 5.90 लाख रुपये ऑनलाइन भेजे और 2.10 लाख रुपये नकद दे दिए। इसके अलावा, आरोपी ने विजय के जीजा सुरेंद्र कुमार से भी उनके बेटे की भर्ती का वादा कर 3.50 लाख रुपये ले लिए।
इस तरह दोनों परिवारों से कुल 11.50 लाख रुपये ठगे गए। काफी समय बीत जाने के बाद भी युवाओं की भर्ती नहीं हुई, तो पीड़ित परिवारों ने पैसे वापस मांगने शुरू कर दिए। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा, और CID ने जांच में धोखाधड़ी की पुष्टि करते हुए दंपति को गिरफ्तार कर लिया।
CID की गिरफ्त में आने के बाद आरोपी दंपति ने कई और चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। टीम अब इस केस से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं और कितने परिवार इसकी चपेट में आए हैं।