#यूटिलिटी
July 22, 2026
हिमाचल में मौसम का कहर जारी- स्कूल बंद रखने की निर्देश, आज कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट
खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों से रहें दूर
शेयर करें:

शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। सोमवार देर रात करीब 12 बजे के बाद से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर शुरू हुआ- जो आज सुबह तक जारी रहा। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।
सबसे अधिक असर कुल्लू जिले में देखने को मिला, जहां भारी वर्षा के चलते कई स्थानों पर लैंडस्लाइड हुई और बड़ी संख्या में सड़कें बंद हो गईं। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित मार्गों को जल्द बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। DC कुल्लू के निर्देश पर आनी, बंजार और निरमंड सब-डिवीजन के सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में आज के लिए को अवकाश घोषित कर दिया गया है। यह फैसला विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि खराब मौसम के बीच किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
उधर, राजधानी शिमला समेत प्रदेश के कई हिस्सों में मंगलवार सुबह सात बजे तक लगातार तेज बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव, फिसलन और यातायात प्रभावित होने की भी सूचना है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में आज भी कई इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
IMD ने मौसम की स्थिति को देखते हुए कांगड़ा और मंडी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। वहीं चंबा, कुल्लू, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए **यलो अलर्ट** जारी किया गया है, जहां कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। प्रदेश के शेष जिलों के लिए फिलहाल कोई विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।
मौसम विभाग का कहना है कि वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) का प्रभाव बुधवार से धीरे-धीरे कम होने लगेगा। इसके बाद 27 जुलाई तक प्रदेश के केवल कुछेक क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। अधिकांश इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने या आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है, जिससे लगातार हो रही बारिश से लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों के किनारे न जाएं और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें। यात्रियों से भी मौसम और सड़कों की ताजा स्थिति की जानकारी लेकर ही सफर करने की सलाह दी गई है।