#राजनीति

March 24, 2026

सुक्खू के फैसलों से परेशान जयराम, PM मोदी से की शिकायत- सुनाया हिमाचल का दुखड़ा

नई दिल्ली में PM मोदी से मिले जयराम ठाकुर

शेयर करें:

JAIRAM THAKUR MEETS PM MODI CM SUKHU HIMACHAL CRISIS

नई दिल्ली/शिमला। हिमाचल प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मंगलवार को नई दिल्ली में PM नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान जयराम ठाकुर ने PM मोदी से CM सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा लिए गए फैसलों की शिकायत की।

PM मोदी से मिले जयराम

बताया जा रहा है कि इस मुलाकात में हिमाचल प्रदेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जयराम ठाकुर ने प्रदेश के विकास, केंद्र से मिलने वाले सहयोग और मौजूदा चुनौतियों को लेकर प्रधानमंत्री के समक्ष अपने विचार रखे।

यह भी पढ़ें : हरियाणा में धरी गई हिमाचल की लेडी ड्रग तस्कर, टेप से शरीर पर चिपका रखी थी लाखों की चरस

प्रदेश की हालत पर जताई चिंता

जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश इस समय एक कठिन वित्तीय दौर से गुजर रहा है और हालात किसी से छिपे नहीं हैं।

सुक्खू के फैसलों से परेशान जयराम

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार बिना दीर्घकालिक योजना के फैसले ले रही है, जिससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति और अधिक कमजोर हो रही है।

यह भी पढ़ें : हिमाचल में 8वीं पास के लिए नौकरी : 23 हजार तक मिलेगी सैलरी, यहां जानें पूरी डिटेल

फैसले पर उठाए सवाल

जयराम ठाकुर ने सरकार के उस फैसले पर भी सवाल खड़े किए, जिसमें CM सुक्खू ने अपने वेतन का 50 प्रतिशत छह महीने के लिए स्थगित करने की बात कही गई है। इसके साथ ही मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के वेतन में 50 प्रतिशत, IAS अधिकारियों और मंत्रियों के वेतन में 30 प्रतिशत तथा विधायकों के वेतन में 20 प्रतिशत कटौती या स्थगन का प्रस्ताव रखा गया है।

वेतन रोकने की आई नौबत

उन्होंने इसे प्रदेश की आर्थिक स्थिति का गंभीर संकेत बताते हुए कहा कि अगर सरकार को शीर्ष अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के वेतन तक रोकने की नौबत आ रही है, तो यह स्थिति सामान्य नहीं मानी जा सकती। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को वित्तीय आपातकाल जैसे हालात का संकेत करार दिया।

यह भी पढ़ें : डिप्टी CM के विभाग पर करोड़ों का कर्जा : बकाया ना चुकाने से घाटे में बिजली बोर्ड

टैक्स और सेस पर भी जताई नाराजगी

नेता प्रतिपक्ष ने सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर लगाए गए सेस को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सामाजिक वर्गों जैसे अनाथ बच्चों और विधवाओं के नाम पर कर लगाकर सरकार चलाने का प्रयास करना उचित नहीं है और यह प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।

 

 

इसके अलावा, राज्य में प्रवेश करने वाले वाहनों पर एंट्री टैक्स बढ़ाने के फैसले को भी उन्होंने अव्यावहारिक बताया। उनका कहना था कि इस निर्णय का असर पड़ोसी राज्यों के साथ संबंधों पर भी पड़ सकता है।

यह भी पढ़ें : हिमाचल : ननिहाल रहने आए 16 वर्षीय लड़के की मौ*त, गहरे सदमे में नानी- परिवार में मातम

पंजाब के रुख पर जताई चिंता

जयराम ठाकुर ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से इस फैसले का विरोध किया गया है और यदि वहां भी हिमाचल के वाहनों पर एंट्री टैक्स लगाने का निर्णय लिया जाता है, तो इसका सीधा असर आम जनता और व्यापार पर पड़ेगा। खासकर पर्यटन क्षेत्र, जो हिमाचल की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है, उस पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

विपक्ष ने दिया रचनात्मक सहयोग का भरोसा

उन्होंने कहा कि विपक्ष प्रदेश के हित में हर सकारात्मक कदम का समर्थन करने के लिए तैयार है। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि सरकार जनविरोधी नीतियों से हटकर ठोस और व्यावहारिक आर्थिक सुधारों पर ध्यान दे।

यह भी पढ़ें : हिमाचल में ट्रैकिंग करने की लगेगी फीस...नियम ना मानने वाले को भरना पड़ेगा 5000 जुर्माना

हिमाचल को संकट से बाहर निकलना है...

जयराम ठाकुर ने स्पष्ट किया कि मौजूदा हालात में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर प्रदेश की आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत है- ताकि हिमाचल को वित्तीय संकट से बाहर निकाला जा सके।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख