#अपराध
April 2, 2026
हिमाचल पुलिस ने बस स्टैंड से पकड़ी सबसे बड़ी नशे की खेप : हरियाणवी से मिला 20 लाख का चिट्टा
नशा सप्लाई करने के लिए नए नए जुगाड़ लगा रहे तस्कर
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच पुलिस को इस वर्ष की एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। ताजा कार्रवाई में पुलिस ने 288 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) की खेप बरामद करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है।
आरोपी द्वारा बरामद की गई खेप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 20 लाख के करीब बताई जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई को काफी अहम माना जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि आरोपी से पूछताछ में नशा तस्कर के किसी बड़े गिरोह का पर्दाफाश होगा।
जानकारी के अनुसार, शिमला पुलिस की स्पेशल सेल टीम ISBT शिमला क्षेत्र में गश्त पर थी। इस दौरान पुलिस टीम को मुखबिर से खबर मिली कि एक व्यक्ति कैरी बैग में ढेर सारा चिट्टा लिए घूम रहा है।
मखबिर ने बताया कि व्यक्ति ISBT के पहले फअलोर पर घूम रहा है। शायद वो किसी ग्राहक का इंतजार कर रहा है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर दबिश दी।
पुलिस को मौके पर देखकर आरोपी घबरा गया। पुलिस टीम ने शक के आधार पर उसकी तलाशी ली- तो तलाशी के दौरान उसके कैरी बैग से 288 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए खेप को अपने कब्जे में लेकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी की पहचान शमशाद अहमद (42) के रूप में हुई है- जो कि अंबाला, हरियाणा का रहने वाला है। मामले की पुष्टि करते हुए SSP शिमला गौरव सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ NDPS की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
पुलिस के अनुसार यह खेप किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है, जो हिमाचल के युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल रहा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी प्रदेश में सप्लाई चेन को मजबूत करने के इरादे से आया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस खेप के पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हैं और यह माल किन-किन क्षेत्रों में खपाया जाना था।
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों से चिट्टा तस्करी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। सीमावर्ती राज्यों से जुड़े रास्तों और पर्यटन स्थलों की आड़ में तस्कर अपने नेटवर्क को फैलाने में लगे हुए हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि इस नशे की चपेट में बड़ी संख्या में युवा आ रहे हैं, जिससे समाज पर गहरा असर पड़ रहा है।
पुलिस और विशेष जांच एजेंसियां लगातार अभियान चलाकर तस्करों पर शिकंजा कस रही हैं, लेकिन तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर कानून से बचने की कोशिश करते हैं। ऐसे में समाज और परिवार की भूमिका भी बेहद अहम हो जाती है, ताकि युवाओं को इस दलदल में फंसने से रोका जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं। आने वाले दिनों में नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाएगा, ताकि इस खतरे को जड़ से खत्म किया जा सके।