#अपराध
March 18, 2026
हिमाचल पुलिस के हत्थे चढ़े तीन युवक, राजस्थान से आए थे चरस की डील करने- पहुंचे जेल
युवकों से मिली करीब एक किलो चरस
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कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के बढ़ते नेटवर्क के बीच कुल्लू जिला से एक बार फिर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मणिकर्ण घाटी में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जरी पुलिस टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है।
इस कार्रवाई में पुलिस टीम द्वारा राजस्थान के तीन युवकों को हिरासत में लिया गया है- जो प्रदेश में सक्रिय हो रहे अंतरराज्यीय नशा गिरोहों की ओर इशारा करता है। पुलिस टीम ने युवकों से लगभग एक किलो चरस भी बरामद की है।
जानकारी के अनुसार, बीते कल मणिकर्ण थाना की पुलिस टीम डुंखरा चौक पर रूटीन चैकिंग पर थी। इसी दौरान पुलिस टीम ने राजस्थान नंबर RJ60-CH2951 को जांच के लिए रोका। पुलिस को देख गाड़ी में सवार तीनों युवकों के होश उड़ गए।
इसी बीच पुलिस टीम ने जब कार की तलाशी ली तो पुलिस टीम को उनके कब्जे से 962 ग्राम चरस बरामद हुई। इसके बाद पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गाड़ी में सवार तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी राजस्थान के अजमेर के रहने वाले बताए जा रहे हैं। अभी आरोपियों के नाम और उम्र की जानकारी पुलिस द्वारा साझा नहीं की गई है।

मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20 और 29 के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। जल्द तीनों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा।
फिलहाल, पुलिस टीम ये पता लगाने में जुटी हुई है कि आरोपी ये खेप कहां से लाए थे और कहां लेकर जा रहे थे। पुलिस टीम इस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ करने में लगी हुई है।
विदित रहे कि, यह घटना सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उस बड़े नेटवर्क की झलक है जो हिमाचल के पहाड़ी इलाकों को नशा तस्करी के लिए इस्तेमाल कर रहा है। कुल्लू-मनाली और मणिकर्ण घाटी जैसे क्षेत्रों में उगने वाली चरस की मांग देश के कई राज्यों में है, जिसके चलते बाहरी राज्यों के तस्कर यहां सक्रिय हो रहे हैं।
पिछले कुछ महीनों में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में चरस, अफीम और अन्य मादक पदार्थों की बरामदगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। पुलिस की सख्ती के बावजूद तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर इस धंधे को जारी रखने की कोशिश कर रहे हैं।
खासतौर पर युवाओं को इस जाल में फंसाया जा रहा है, जो समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। हालांकि, राहत की बात यह है कि हिमाचल पुलिस लगातार सतर्क है और नशे के खिलाफ अभियान को तेज कर रही है। जरी की यह कार्रवाई इस बात का सबूत है कि पुलिस न केवल स्थानीय बल्कि बाहरी तस्करों पर भी कड़ी नजर रखे हुए है।